Meerut Police Red Card Notice: ईद 2026 (ईद-उल-फितर) के मौके पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेरठ पुलिस ने लगभग 100 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्हें जल्द ही ‘रेड कार्ड’ नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ पहले भी उपद्रव करने या त्योहारों के दौरान तनाव पैदा करने से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने शनिवार को बताया कि ईद को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने इस्लामी धर्मगुरुओं और मस्जिद प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले की 544 मस्जिदों और 146 ईदगाहों के प्रबंधन से अधिकारियों ने बातचीत की है। सभी ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी स्थिति में सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन बातों को बताया गया गलत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कुछ मीडिया संस्थानों में चल रही उन खबरों को गलत बताया, जिनमें उनके हवाले से कहा गया था कि सड़कों पर नमाज अदा करने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के पासपोर्ट रद्द किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि प्रशासन की ओर से इस तरह का कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई जरूर की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर हो सकती है गिरफ्तारी
नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी) आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस ने बीते पांच वर्षों के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर उन लोगों को चिन्हित किया है, जिनकी त्योहारों के समय विवाद या तनाव की घटनाओं में संलिप्तता रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 100 व्यक्तियों को ‘रेड कार्ड’ नोटिस जारी करने की तैयारी की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ‘रेड कार्ड’ नोटिस मिलने के बाद आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटना
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में किसी एक धर्म विशेष के लोग नहीं, बल्कि अलग-अलग समुदायों से जुड़े व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नोटिस के जरिए संबंधित लोगों को चेतावनी दी जाएगी कि यदि ईद के आसपास माहौल खराब करने या विवाद पैदा करने की कोशिश की गई, तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कदम उठाए जा सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ईद के दौरान रेलवे रोड थाना क्षेत्र में बैरिकेड तोड़ने और सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई थी।
(इनपुट - भाषा)
