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Makar Sankranti 2026: पतंगों से पोंगल तक, इन भारतीय शहरों में अनोखे रंग बिखेरती है मकर संक्रांति

Makar Sankranti 2026: भारत अपनी विविध संस्कृति और परंपराओं के कारण पूरी दुनिया में अलग पहचान रखता है, जहां हर त्योहार अपने अलग रंग और भाव लेकर आता है। सूर्य के उत्तरायण होने और नई फसल के स्वागत से जुड़ा मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन हर शहर में इसका उत्सव अलग अंदाज में दिखाई देता है। आज हम आपको बताएंगे कि भारत के कुछ खास शहरों में मकर संक्रांति को किस तरह अनोखे और खूबसूरत रूप में मनाया जाता है।

Makar Sankranti in Different Cities

इन शहरों में अलग ढंग से मनती है मकर संक्रांति

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Makar Sankranti 2026: भारत अपनी विविधताओं के कारण दुनिया भर में एक अनोखी पहचान रखता है। यहां की संस्कृति, परंपराएं, खान–पान और त्योहार हर क्षेत्र में अलग-अलग रंगों में दिखाई देते हैं। जब हम भारत के अलग-अलग हिस्सों की बात करते हैं, तो इन विविधताओं का अनुभव और भी गहराई से होता है। खासतौर पर त्योहारों की बात करें, तो देश के कोने-कोने में छोटे-बड़े अनेक पर्व मनाए जाते हैं, जिनमें से कई त्योहार किसी खास क्षेत्र में बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाए जाते हैं।

Makar Sankranti 2026

मकर संक्रांति 2026

आज हम जिस पर्व की चर्चा कर रहे हैं, उसका संबंध सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने, मकर राशि में प्रवेश और सर्दियों के अंत के साथ लंबे दिनों की शुरुआत से है। यह पल नई ऊर्जा, नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हालांकि यह पर्व पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन भारत के अलग-अलग शहरों और राज्यों में इसे मनाने का तरीका अलग-अलग और बेहद सुंदर होता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं मकर संक्रांति की। जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, उस दिन यह पर्व मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। यह त्योहार नई फसल के आगमन का भी स्वागत करता है, इसलिए देश के हर हिस्से में इसे खुशी, उत्साह और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि भारत के कुछ खास शहरों में इस पावन दिन को किस तरह से मनाया जाता है।

यहां अलग अंदाज में मनाई जाती है मकर संक्रांति

अहमदाबाद, गुजरात

अहमदाबाद की पहचान ही पतंगों से जुड़ी हुई है। मकर संक्रांति आते ही पूरा शहर जैसे उत्सव में डूब जाता है। यहां मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव को वैश्विक मंच पर खास जगह दिलाता है। इस दौरान शहर में न सिर्फ देशभर से, बल्कि विदेशों से भी पतंगबाज पहुंचते हैं। गुजरात में इस पर्व को उत्तरायण कहा जाता है और अहमदाबाद में इसे सबसे ज्यादा जोश और रंगों के साथ मनाया जाता है। कई दिनों तक शहर का आसमान रंगीन पतंगों, विशाल आकृतियों और अनोखे डिज़ाइनों से सजा रहता है। इसके साथ होने वाले सांस्कृतिक आयोजन अहमदाबाद की जीवंत परंपराओं और लोककला को नजदीक से देखने का सुंदर अवसर देते हैं।

Makar Sankranti in Prayagraj

प्रयागराज में मकर संक्रांति

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में मकर संक्रांति आस्था और श्रद्धा का पर्व बन जाता है। इस शहर में इसे प्रथम स्नान पर्व के रूप में मनाया जाता है, जो माघ मेले की शुरुआत का संकेत होता है। संगम नगरी होने के कारण यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम पर स्नान का खास महत्व है। ठंड की परवाह किए बिना सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ संगम तट पर उमड़ पड़ती है। शहर में दान, पुण्य और साधना का वातावरण बन जाता है। तिल, गुड़ और खिचड़ी का दान, कल्पवासियों की साधना और गलियों में लहराती पतंगें, ये सब मिलकर प्रयागराज की मकर संक्रांति को एक अलग पहचान देते हैं।

अमृतसर, पंजाब

अमृतसर में मकर संक्रांति का उत्सव लोहड़ी से शुरू हो जाता है। संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाने वाली लोहड़ी की शाम शहर में खास रौनक ले आती है। घरों और मोहल्लों में लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होकर गीत-संगीत और नृत्य के साथ खुशियां मनाते हैं। यह समय नई फसल की खुशी और सर्दियों के विदा होने का संकेत माना जाता है। अगले दिन मकर संक्रांति को माघी कहा जाता है। इस दिन स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में स्नान और अरदास का महत्व होता है। स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन, दीप जलाने की परंपरा और पतंगबाजी अमृतसर के इस पर्व को खास बना देती है।

Pongal celebration in Chennai

चेन्नई में पोंगल का उत्सव

चेन्नई, तमिलनाडु

चेन्नई में मकर संक्रांति को पोंगल के रूप में मनाया जाता है, जो किसानों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। शहर में चार दिनों तक चलने वाला पोंगल उत्सव एक अलग ही माहौल रच देता है। घरों की सजावट, सूर्य देव की पूजा, पारंपरिक पकवानों की खुशबू और पशुओं के प्रति सम्मान हर दिन की अपनी खास पहचान होती है। चेन्नई में लोग परिवार और समुदाय के साथ मिलकर इस पर्व को खुशी और आपसी मेल-जोल के साथ मनाते हैं, जो इसे दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल करता है।

जयपुर, राजस्थान

जयपुर में मकर संक्रांति रंगों और रौनक का उत्सव बन जाती है। गुलाबी नगरी की छतों पर सुबह से ही पतंगों की उड़ान शुरू हो जाती है। जलमहल के आसपास होने वाला काइट फेस्टिवल इस शहर को खास पहचान देता है, जहां दूर-दूर से लोग इस नजारे को देखने आते हैं। संगीत, पतंग काटने की प्रतिस्पर्धा और पारंपरिक उल्लास से पूरा शहर गूंज उठता है। इस दिन पवित्र कुंडों में स्नान, सूर्य पूजा और दान-पुण्य की परंपरा भी निभाई जाती है। तिल और गुड़ से बने व्यंजन, रात में जगमगाते दीपक और आतिशबाजी जयपुर की मकर संक्रांति को यादगार बना देते हैं।

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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