शहर

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत, मुम्बई के कलिना लाइब्रेरी केस में किया गया आरोपमुक्त

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इस पूरी प्रक्रिया से राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और भुजबल समेत आरोपियों को कथित तौर पर आर्थिक लाभ या रिश्वत मिली।

Image

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के मंत्री और NCP नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) को कलिना लाइब्रेरी मामले (Mumbai Kalina Library Case) में बड़ी कानूनी राहत मिली है। मुंबई की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने गुरुवार को मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना कैंपस में सेंट्रल लाइब्रेरी के निर्माण से जुड़े ACB मामले में भुजबल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया।

यह मामला 2015 में ACB द्वारा दर्ज किया गया था। उस समय भुजबल महाराष्ट्र के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री थे।ACB का आरोप था कि मुंबई विश्वविद्यालय की करीब चार एकड़ जमीन का इस्तेमाल सेंट्रल लाइब्रेरी के निर्माण के लिए किया जाना था।

जमीन के एक हिस्से पर लाइब्रेरी निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए

2009 में जमीन के एक हिस्से पर लाइब्रेरी निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए, जबकि बाकी जमीन एक निजी डेवलपर को 99 साल के लिए महज 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से लीज पर दिए जाने का आरोप था।जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इस पूरी प्रक्रिया से राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और भुजबल समेत आरोपियों को कथित तौर पर आर्थिक लाभ या रिश्वत मिली।

विशेष अदालत ने भुजबल और अन्य आरोपियों को मामले से आरोपमुक्त कर दिया

हालांकि, विशेष अदालत ने भुजबल और अन्य आरोपियों को मामले से आरोपमुक्त कर दिया।रिपोर्ट के मुताबिक अदालत को भुजबल के खिलाफ अपराध से प्राप्त धन या किसी 'quid pro quo' यानी लेन-देन के बदले व्यक्तिगत लाभ का पर्याप्त आधार नहीं मिला। अदालत का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं हुआ है।

लंबित ACB मामलों में भी उनकी कानूनी कार्यवाही समाप्त

कलिना लाइब्रेरी मामला भुजबल के खिलाफ PWD मंत्री रहते दर्ज किए गए ACB के भ्रष्टाचार मामलों में अंतिम लंबित मामला था। इस आदेश के साथ उन लंबित ACB मामलों में भी उनकी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article