Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र इस समय कुदरत के दोहरे वार का सामना कर रहा है। एक तरफ विदर्भ और उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं ने पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा दिया है, तो दूसरी तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) का संकट मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 से 22 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है।
विदर्भ में गर्मी का तांडव (Vidarbha Heatwave Alert)
विदर्भ क्षेत्र इस समय भीषण लू (Heatwave) की चपेट में है। अमरावती और वर्धा में शनिवार को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। अकोला, नागपुर, गढ़चिरोली और वाशिम में भी पारा 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात-रोधी वातावरण (Anti-cyclonic circulation) के कारण आसमान साफ है और सीधी धूप पड़ने से तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है।
पश्चिमी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश का अलर्ट (Pune Marathwada Rain Alert Today)
भीषण गर्मी के बीच राहत कम और चिंता ज्यादा है, क्योंकि मौसम विभाग ने पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर के घाट क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। 19 अप्रैल की दोपहर के बाद पश्चिमी महाराष्ट्र के साथ-साथ दक्षिणी मराठवाड़ा (लातूर, धाराशिव, बीड) और उत्तरी खानदेश में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है। 20 और 21 अप्रैल को इस बारिश का दायरा बढ़ेगा और यह विदर्भ के कुछ हिस्सों को भी कवर करेगा।
मुंबई में बढ़ी उमस और बेचैनी (Mumbai Weather Today)
मुंबईकर भी बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान हैं। शनिवार को मुंबई का अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले एक डिग्री अधिक है। हालांकि मुंबई के लिए कोई आधिकारिक अलर्ट नहीं है, लेकिन बढ़ती तपिश ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोंकण के रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
अल नीनो और ला नीना का खेल (El Nino And La Nina)
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में जल के तापमान में बदलाव ('अल नीनो' और 'ला नीना') के कारण महाराष्ट्र का मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है। दक्षिण भारत से आने वाली निम्न दबाव रेखा (Trough Line) और नमी वाली हवाओं के कारण अचानक बादल छा रहे हैं, जिससे मानसून पूर्व की यह बारिश (Pre-monsoon rain) हो रही है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। मेघ गर्जन और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
