शहर

'व्यवस्था द्वारा की गई हत्या', MPSC अभ्यर्थी देशमुख ने की आत्महत्या तो सरकार पर भड़के दीपके

MPSC Aspirant Suicide Case: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने एमपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी प्रथमेश देशमुख की कथित आत्महत्या को 'व्यवस्था द्वारा की गई हत्या' करार दिया।

Image

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके (फाइल फोटो)

MPSC Aspirant Suicide Case: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी प्रथमेश देशमुख की कथित आत्महत्या को 'व्यवस्था द्वारा की गई हत्या' करार दिया और कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

उन्होंने यह भी कहा कि लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है। एमपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे 28 वर्षीय देशमुख ने कथित तौर पर पुणे में आत्महत्या कर ली थी।

उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में उनपर करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र था। वह धाराशिव जिले के परांडा के रहने वाले थे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान पुणे के नवी पेठ इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे।

दीपके ने खासापुरी का किया दौरा

दीपके ने गुरुवार को धाराशिव के खासापुरी गांव का दौरा किया और देशमुख के शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि देशमुख नौकरी पाने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था।

उन्होंने आरोप लगाया, ''उसने अपने खर्चों को पूरा करने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे, लेकिन पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण छात्रों पर दबाव बढ़ता गया। यह (देशमुख की आत्महत्या) व्यवस्था की गलती है और यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।''

'एक बार ही खाना खाता था प्रथमेश'

सीजेपी के संयोजक ने कहा कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कठोर कदम उठाया। दीपके ने कहा, ''प्रथमेश पुणे में रहता था और अपनी आर्थिक स्थिति के कारण दिन में केवल एक बार खाना खाता था। उसकी मां के अनुसार, प्रथमेश कहा करता था कि वह सरकारी गाड़ी से घर आएगा, लेकिन दुर्भाग्य से कल उसे एंबुलेंस से यहां लाया गया। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है।''

उन्होंने कहा कि एमपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों के सामने पुणे जैसे शहर में अपने खर्चों को पूरा करने की चुनौती होती है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article