लखनऊ

Lucknow के इस लजीज कबाब पराठे ने किया सबको दीवाना, दिनभर लगती है स्वाद के दीवानों की भीड़

लखनऊ के सिकंदराबाद चौराहे पर स्थित 'रैप एंड रोल' के कबाब पराठा और वेज बिरयानी बेहद खास है। इस जगह का अनोखा स्वाद और बेहतरीन साफ-सफाई इसे खाने के शौकीनों के लिए एक खास ठिकाना बनाते हैं।

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रैप एंड रोल

लखनऊ : खावे के शौकीनों के लिए नवाबों की नगरी खास जगह है। यहां 'रैप एंड रोल' एक खास फूड जॉइंट है। यह सिकंदराबाद चौराहे से सप्रू मार्ग जाने वाली सड़क पर स्थित है। यहां का कबाब पराठा पूरे शहर में प्रसिद्ध है। यहां अन्य लोकप्रिय आइटम्स में वेज बिरयानी और अंडा रोल शामिल हैं। दिनभर यहां खाने-पीने वालों की भीड़ रहती है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। वेज बिरयानी यहां की खासियत है, जो ग्राहकों के बीच बहुत पसंद की जाती है। ग्राहक अंशु, जो नेशनल पीजी कॉलेज के छात्र हैं, कहते हैं कि वे हमेशा यहां की बिरयानी खाने आते हैं। हिमांशु, अंशु के दोस्त, कबाब पराठा और वेज बिरयानी का मजा लेते हैं।

कबाब पराठा-वेज बिरयानी खाने वालों की लगती है भीड़

यह जगह लखनऊ के बेहतरीन स्ट्रीट फूड जॉइंट्स में से एक मानी जाती है। अगर, आप लखनऊ में हैं तो बेहतरीन स्ट्रीट फूड का अनुभव करने के लिए 'रैप एंड रोल' जरूर ट्राई करें। 'रैप एंड रोल' लखनऊ में एक प्रसिद्ध फूड जॉइंट है, जो सिकंदराबाद चौराहे से सप्रू मार्ग पर स्थित है। यहां का कबाब पराठा और वेज बिरयानी खासतौर पर लोकप्रिय हैं।

ग्राहक अंशु, जो नेशनल पीजी कॉलेज के छात्र हैं, बताते हैं कि वे हमेशा यहां की बिरयानी का स्वाद लेने आते हैं, क्योंकि इसका स्वाद बेहतरीन और स्वास्थ्य के लिए सही होता है। उनके दोस्त हिमांशु भी कबाब पराठा और वेज बिरयानी का मजा लेते हैं। यदि आप लखनऊ में बेहतरीन स्ट्रीट फूड का अनुभव करना चाहते हैं, तो 'रैप एंड रोल' जरूर ट्राई करें।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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