उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हाथी के आतंक ने तीन जानें (दो महिलाएं और एक बच्चा) लील ली, जबकि कई लोग गंभीर हो गए। यह दर्दनाक हादसा चिलुआताल इलाके के जगतबेला में मोहम्मदपुर माफी गांव का है। वहां पर कलश यात्रा से पहले यज्ञ चल रहा था, तभी शोर-शराबे के बीच कुछ लोग हाथी को छेड़ने लगे थे।
हाथी इसके बाद बिदक गया और बेकाबू हो गया। गजराज ने वहां ऐसा उत्पात मचाया कि तीन लोगों की जान चली गई। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई, मगर इस बाबत आधिकारिक आंकड़े बुधवार (16 फरवरी, 2023) शाम तक नहीं आए।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया कि हाथी पूरे घटनाक्रम के बाद खेत में घुस गया था, जबकि आयोजन को रद्द कर दिया गया। चूंकि, घटनास्थल पर खासा भीड़ थी, इसलिए वहां अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था। यह भी बताया गया कि मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी था।
दरअसल, उसके परिजन से कहा गया था कि कार्यक्रमस्थल पर जाकर पूजा कराएं और आशीर्वाद लें...यह काम करने से बच्चा ठीक हो जाएगा। पर उसे आशीर्वाद की जगह मौत मिली।
प्रसाद नाम के हाथी के हमले में उसकी भी जान चली गई, जबकि यह गजराज बीजेपी विधायक (गोरखपुर ग्रामीण सीट) विपिन सिंह के बताए जा रहे हैं। वैसे, साढ़े पांच घंटे बाद उस हाथी पर काबू पा लिया गया था।
लक्ष्मीनारायण कलश यात्रा में उत्पात मचाने वाला हाथी गीडा थाना क्षेत्र के बोकटा गांव की तरफ भाग गया था। लगभग 6 घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद उसे जिला प्रशासन और वन विभाग टीम ने पकड़ा। उसे काबू करने के लिए कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी, एडीएम सिटी, एसपी नॉर्थ, सीएमओ, डीएफओ समेत कई आलाधिकारी मौके पर थे।
जिलाधिकारी गोरखपुर कृष्णा करुणेश की ओर से टाइम्स नाउ नवभारत को जानकारी दी गई कि ट्रैक्वलाइजर के जरिए वन विभाग की टीम ने काबू किया और उसे अब शिफ्ट किया जाएगा। मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है।
