यूपी में आज का मौसम (21 अक्टूबर 2025): उत्तर प्रदेश में सूरज और बादलों के बीच खेल चल रहा है। कहीं धूप तो कहीं छांव देखी जा रही है। हालांकि, अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क है। फिलहाल कोई मौसमी गतिविधि का अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम शुष्क रहने से दिन में मामूली गर्मी का एहसास होगा। दिवाली के दूसरे दिन से ही न्यूनतम तापमान में गिरावट की सभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि 21 से 22 अक्टूबर तक सर्दी और बढ़ेगी। इस दौरान पहाड़ों पर एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का आंशिक प्रभाव कुछ जिलों में पड़ सकता है, जिससे बादलों का आना जाना लगा रहेगा और धूप-छांव का मिलाजुला असर दिखाई देगा। अब सुबह कोहरे की हल्की परत के साथ सर्दी अपना असर दिखाएगी। उधर, दक्षिण भारत में उत्तर पूर्वी मानसून एक्टिव, जिसे मिनी मानसून (Mini Mansoon) के तौर पर देखा जा रहा है। इसका यूपी में असर होगा या नहीं इसको लेकर को संकेत नहीं है।
यूपी में प्रदूषण कितना है?
दिवाली की शाम जमकर फोड़े गए पटाखों से कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में पॉल्यूशन की धुंध वातावरण में तैरती नजर आएगी। हवा की क्वालिटी खराब होने और हवा जहरीली गैसें तैरने से सांस के मरीजों को दिक्कतें बढ़ सकती हैं। संवेदनशील समूहों पर स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव तुरंत महसूस होंगे और उन्हें बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए। बुजुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | हवा की गुणवत्ता |
| कानपुर | 24 | 255 |
| आगरा | 22 | 210 |
| लखनऊ | 24 | 280 |
| अलीगढ़ | 20 | 223 |
| आजमगढ़ | 23 | 206 |
| देवरिया | 23 | 205 |
| इटावा | 22 | 160 |
| गाजियाबाद | 21 | 315 |
| नोएडा | 21 | 306 |
| गोरखपुर | 23 | 206 |
| झांसी | 22 | 225 |
कितना प्रदूषण खतरनाक होता है?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता 400 को पार कर गई है। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 तक एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर माना जाता है।
सर्दी की आहट तेज
मौसम विभाग के मुताबिक, 2 दिन बाद ठंड रफ्तार पकड़ सकती है। पहाड़ों पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का असर यूपी के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। अब सुबह और शाम ठंड का ग्राफ बढ़ेगा और कोहरा प्रतीत होगा। खासकर, ग्रामीण इलाकों में रात में तीव्र ओस के साथ सुबह कोहरे की चादर बिछी नजर आएगी, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों के साथ अलाव तापने की जरूरत महसूस हो सकती है।
रबी की फसलों की तैयारी
मौसम शुष्क रहने से किसान खरीब की फसले जैसे- मक्का, बाजरा, धान और उड़द मूंग की कटाई कर रहे हैं। इन फसलों से खाली हुए खेतों की जुताई के बाद पलेवा करने की तैयारी है, जिससे बाद रबी की फसलें गेहूं, चन्ना, सरसों और तिलहन इत्यादि की बुआई की जाएगी। हालांकि, इस मानसूनी सीजन में अधिक बारिश होने के कारण किसान खरीफ की कई फसलें नहीं ले पाए, जिससे इनका आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हुआ है।
