लखनऊ

UP : अब घर बैठे मिलेगी लैब जांच रिपोर्ट, मोबाइल पर सीधे करें डाउनलोड; सरकार ने बनाया खास प्लान

उत्तर प्रदेश सरकार मरीजों को घर बैठे लैब जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। मरीजों के उनके मोबाइल पर एसएमएस, व्हाट्सएप और पर्सनल हेल्थ रिकार्ड (PHR) पोर्टल पर जांच रिपोर्ट मिलेगी। अस्पताल में भर्ती मरीज़ की रिपोर्ट हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम से संबंधित डॉक्टर के पास सीधे पहुंचेगी। ऐसे में भर्ती मरीज के सटीक इलाज के लिए अब डॉक्टर्स को लैब रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

लखनऊ : यूपी सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। अब प्रदेशभर के मरीजें को लैब जांच रिपोर्ट के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। उन्हे लैब रिपोर्ट उनकी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दी जाएगी। यह सुविधा मरीजों को जांच के बाद कुछ ही घंटों में मिल जाएगी। यह सुविधा सीएचसी लेकर बड़े अस्पतालों में भी मरीजों को मिलेगी। हर ज़िला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तारित की गई है। बता दें कि स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की बढ़ रही है। ऐसे में घर बैठे लैब जांच रिपोर्ट की सुविधा बड़ी पहल है। इसके लिए व्यापक पैमाने पर प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के पर्यवेक्षण में 75 जनपदों में संचालित सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक/लैब टैक्नीशियनों, कम्प्यूटर आपरेटरों को प्रशिक्षित किया गया है।

मेसर्स पीओसीटी सर्विसेज के एनजीओ पीक्यूएस डीएफ की ओर से सीएसआर फण्ड से चिकित्सा अधीक्षक, लैब टैक्नीशियनों, कम्प्यूटर आपरेटरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। चिकित्सालयों में मरीजों रजिस्ट्रेशन होगा और उनका डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार होने के साथ-साथ सभी को कम्प्यूटराइज्ड पैथालॉजी रिपोर्ट उनके मोबाइल पर वाट्सअप या एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।

यूपी के 75 जिलो के सभी अस्पतालों में ट्रेनिंग देने वाली पीओसिटी के चैयरमैन का कहना है कि गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में लैब टेस्ट की रिपोर्ट एसएमएस के जरिए मोबाइल पर मुहैया कराने की फैसिलिटी से बहुत से मरीजों और उनके परिजनों को मदद मिली है और उन्हें अस्पताल में आकर लाइन में नहीं लगना पड़ रहा है। इसी कड़ी में अब पीओसिटी ने तमाम चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बड़ी राहत देने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन शुरू किया है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में एक महीने तक चलेगा।

यूपी के अलग-अलग मंडलों में अलग-अलग जिलों में अनुभवी ट्रेनेर इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिये सही ट्रेनिंग देंगे जिससे मरीजों को सही समय पर सही जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सके।

ऐसे मिलेगी लैब जांच रिपोर्ट

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए आने वाले मरीजों को जांच रिपोर्ट अब मोबाइल पर उपलब्ध करायी जाएगी। इसके प्रदेश के अस्पतालों में संचालित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) को लैब इंफॉर्मेशन सिस्टम (LIS) से कनेक्ट किया गया है। इसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)के तहत किया गया है। अब मरीज़ की जांच रिपोर्ट सीधे उसके पर्सनल हेल्थ रिकार्ड (PHR) पोर्टल या मोबाइल एप पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भी रिपोर्ट साझा की जाएगी।

पहले मरीज़ को जांच के बाद रिपोर्ट लेने के लिए फिर से अस्पताल जाना पड़ता था, जिसमें समय भी लगता था और इलाज में भी देरी होती थी। कई बार रिपोर्ट खो जाने की स्थिति में दोबारा जांच करानी पड़ती थी। अब एक बार जांच के बाद रिपोर्ट घर बैठे मिल जाएगी। जांच रिपोर्ट सीधे मरीज़ के व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR)पर भेजी जाएगी। मरीज़ उसे कभी भी कहीं से भी डाउनलोड कर सकते हैं। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद मरीज़ के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट जाएगा और लिंक भेजा जाएगा, जिससे वह रिपोर्ट देख या डाउनलोड कर सकेंगे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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