Lucknow News: लखनऊ के लोहिया रोड की चटोरी गली के बारे में कौन नहीं जानता है। खाने-पीने के लिए ये गली बहुत प्रसिद्ध हैं। यहां आपको एक से एक पकवान मिल जाएंगे। ठेलों पर सजे स्ट्रीट फूड को देखते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन अब इस गली का माहौल पहले जैसा नहीं रहा है। दबंगई और लूटखसोट से चटोरी गली का माहौल खराब होने लगा है। यहां आए दिन मारपीट होती रहती है। इसे देख खाने का स्वाद चखने आए अधिकतर लोग आधे रास्ते से ही वापस हो जाते हैं। लोग और दुकानदार दोनों ही आए दिन होने वाले बवाल से परेशान हो गए हैं।
चटोरी गली की दुकानें अवैध
इस स्थान का संचालन स्मारक समिति द्वारा किया जाता है। ये समिती एलडीए के अधीन कार्य करती है। समिति के रिकॉर्ड के अनुसार, इस गली में स्थित 93 दुकानें ही आवंटित है। बाकी की 300 से अधिक दुकानें अवैध है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि इन दुकानों का किराया जाता किसकी जेब में है। ये सवाल गली में चलने वाली हर दुकान के दुकानदार के मन में है, लेकिन दुकान बंद होने के डर से सभी लोग चुप-चाप अपने काम में लगे हुए है।
एक बार फिर बवाल का अड्डा बनी चटोरी गली
हाल ही में चटोरी गली में एक और बवाल हुआ। आवंटित दुकान खोलने पहुंची युवती को लूट खसोट में शामिल स्मारक समिति के कर्मचारियों और कुछ दबंग लोगों ने ऐसा करने से रोका। इससे परेशान होकर युवती ने तुरंत पुलिस को फोन किया। शिकायत प्राप्त कर मौके पर पहुंची पुलिस भी मामला सुलझा नहीं सकी। जब पुलिस ने स्मारक समिति कर्मचारियों से आवंटन को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। बवाल को सुलझाने गई पुलिस को देख चटोरी गली में खाने के स्वाद लेने आए लोग वहां से वापस चले गए। चटोरी गली में इस तरह के बवाल कोई नई बात नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि ये तो अब रोज की बात हो गई है।
पुलिस करेगी मामले की जांच
चटोरी गली में अवैध दुकानों पर एलडीए उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि गली में चलने वाली अवैध दुकानों यहां कैसे लगी हैं, इस मामले की जांच होगी। इसके साथ ही गली में अराजकता फैलाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। माहौल को बिगड़ने से रोकने के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाएंगे।
आग से बचाव का नहीं कोई इंतजाम
बता दें कि चटोरी गली में 300 से अधिक अवैध दुकानें है। ये सभी दुकानें खाने की है। इन दुकानों में 400 से 500 गैस सिलेंडर है और किसी भी दुकान में आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में आग लगने की स्थिति में इस पर काबू पाना मुश्किल हो सकता है। इतना ही नहीं पार्किंग और दुकानों के कारण यहां के रास्ते भी तंग हो गए हैं।
