लखनऊ

55 की उम्र में पास की 12वीं की परीक्षा, अब LLB करेंगे पप्पू भरतौल; बुढ़ापे में जागी BJP नेता में पढ़ाई की इच्छा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 26, 2023, 09:28 AM IST

Pappu Bhartaul: पप्पू भरतौल ने मंगलवार को यूपी बोर्ड से 12वींं की परीक्षा पास की है। हालांकि, तीन विषयों में नंबर कम आने की वजह से वह सेकेंड डिवीजन पास हुए। अब भाजपा के पूर्व विधायक LLB करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि वह वकील बनकर गरीबों की मदद करना चाहते हैं।

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पप्पू भरतौल

Photo : ANI

Pappu Bhartaul: बरेली के बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से BJP के पूर्व विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल में बुढ़ापे में पढ़ाई की इच्छा जागी है। मंगलवार को ही उन्होंने यूपी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वह सेकेंड डिजीवन पास हुए हैं। अब पप्पू भरतौल LLB भी करने जा रहे हैं।

पप्पू भरतौल ने कहा है कि वह वकील बनना जाते हैं। इसलिए उन्होंने इंटर(12वीं) पास की और अब वह LLB करना चाहते हैं, जिससे की गरीबों की मदद कर सकूं। उन्होंने कहा, पहले परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां थी और स्कूल दूर था, इतनी सुविधाएं भी नहीं थी। हालांकि, अब वह पढ़ाई पूरी करना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने पूर्व विधायक बनकर नहीं पप्पू भरतौल(राजेश कुमार मिश्रा) बनकर 12वीं का पेपर दिया था।

पास होने पर बंटवाई मिठाई

55 साल की उम्र में 12वीं की परीक्षा पास कर पप्पू भरतौल बहुत खुश हैं। उन्होंने परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद मिठाई भी बंटवाई। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उनके समर्थक उन्हें मिठाई खिलाते हुए दिख रहे हैं।

फिर से कापी जंचवाएंगे विधायक जी

पप्पू भरतौर को एक तरह परीक्षा पास करने की खुशी है, तो दूसरी तरफ नंबर कम आने का मलाल भी। समाज शास्त्र विषय में उन्हें डिक्टेंशन मिली है, हालांकि, तीन विषयों में नंबर कम आने की वजह से उनका रिजल्ट गड़बड़ा गया है। ऐसे में पप्पू भरतोल ने कहा है कि वह अपनी तीन विषयों की कापियां दोबारा जंचवाएंगे, अगर किसी विषय में नंबर कम मिले हैं, तो उसे सुधारा जा सके।

2022 में भाजपा ने काटा था टिकटबता दें, पप्पू भरतौल को 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया था, जिस पर उन्होंने जीत भी हासिल की थी। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। बता दें, पप्पू भरतौल जिस समय यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रहे थे, तब भी वह चर्चा में आए थे। वह अपने से छोटी उम्र के बच्चों के साथ परीक्षा देने एग्जाम सेंटर पहुंचे थे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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