लखनऊ नगर निगम में पिछले 10 महीनों से सामान्य सदन की बैठक नहीं बुलाई गई है, जिससे पार्षदों में नाराजगी बढ़ रही है। कांग्रेस के पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने मेयर सुषमा खर्कवाल को पत्र लिखकर तत्काल बैठक कराने की मांग की है। 30 अगस्त 2024 को हुई अंतिम सामान्य सदन की बैठक के बाद से कोई बैठक नहीं हुई है, जिससे लखनऊ की जनता के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
चौहान ने कहा कि विकास कार्य रुके हुए हैं और नागरिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे शुद्ध पेयजल की कमी, खराब ट्यूबवेल, बंद मार्ग, और पार्कों में खराब सुविधाएं। नगर निगम अधिनियम के अनुसार, हर दो महीने में सदन की बैठक होनी चाहिए, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। पिछले साल केवल एक सामान्य बैठक हुई थी, जबकि पिछले दो वर्षों में कुल तीन सामान्य बैठकें आयोजित की गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, सपा के दल नेता कामरान बेग ने भी बैठक बुलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, यह कहते हुए कि जनता के मुद्दों पर चर्चा होना आवश्यक है। इस स्थिति ने नगर निगम के कार्यों में बाधा उत्पन्न की है और नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
