लखनऊ

मैं जिंदा हूं, मेरा पोस्टमार्टम रुकवाइए, पुलिस स्टेशन पहुंचे युवक ने दिया जिंदा होने का प्रमाण, लावारिस शव की पहचान में जुटी पुलिस

यूपी के कानपुर में एक युवक ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपना पोस्टमार्टम रुकवाने के लिए कहा, जिससे सब दंग रह गए। बहन की शिनाख्त के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। जैसे ही युवक को पता लगा कि किसी लावारिस शव की पहचान उसके रूप में की गई है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तो उसने पुलिस स्टेशन पहुंच कर अपने जिंदा होने का प्रमाण दिया।

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पुलिस स्टेशन पहुंच युवक ने अपना पोस्टमार्टम रुकवाया

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। यहां पुलिस ने एक शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के भेजा था। उसके दूसरे ही दिन एक युवक दौड़ता-भागता घाटमपुर थाने पहुंचा और पुलिस को खुद के जिंदा होने का प्रमाण देते हुए कहा कि 'साहब, मैं जिंदा हूं, मेरा पोस्टमार्टम रुकवाइए।' उस युवक की बात सुन सभी पुलिसकर्मी दंग रह गए। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और पोस्टमार्टम को रुकवाया। अब सवाल ये उठता है कि पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव है किसका? पुलिस ने लावारिस शव की दोबारा शिनाख्त शुरू कर दी है। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खुद के पोस्टमार्टम की बात सुन दौड़ता हुआ पुलिस थाने पहुंचा युवक

अपने पोस्टमार्टम की बात सुन युवक भागता हुआ घाटमपुर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी कहानी सुनाई। युवक ने बताया कि वह भीतरगांव कस्बे में स्थित ईंट भट्ठे में मजदूरी करता है। उसके पास फोन नहीं है, इसलिए हफ्ते दो हफ्ते में वह किसी न किसी और के मोबाइल से घरवालों को फोन कर उनसे बात करता था। युवक ने आगे बताया कि पुलिस की एक टीम ईंट भट्ठे में उसके बारे में पूछताछ कर रही थी, तभी वह वहां पहुंच गया। उसे देखते ही पुलिसकर्मियों ने कहा कि 'ये तो जिंदा है।' पुलिस की इस बात को सुन उसने उनसे पूछा कि क्या हुआ है, तो उसे पुलिसकर्मियों उसे बताया कि उसकी बहन ने एक लावारिस शव की पहचान उसके रूप में की है।

पुलिस ने युवक को ये भी बताया कि शव को पंचनामा भरकर घाटमपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिसकर्मियों ने युवक को कहा की जल्द से जल्द घाटमपुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपने जिंदा होने का प्रमाण दो और पोस्टमार्टम को रुकवाओं। नहीं तो तुम कागजों में मृत घोषित हो जाओगे। इस बात को सुनते ही युवक भागता-दौड़ता घाटमपुर पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपने जिंदा होने का प्रमाण दिया।

बहन के शव की पहचान के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घाटमपुर नगर के मुख्य चौराहे पर एक युवक का शव मिला था। उसकी पहचान करने की प्रयास किया गया, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। जिसके बाद पुलिस की टीम ने व्हाट्सएप ग्रुपों पर शव की फोटो वायरल की। पुलिस ने बताया कि उसी शाम सुमन नाम की युवती ने शव की शिनाख्त अपने भाई अजय शंखवार के रूप में की। युवती ने बताया कि शव की चेहरा उसके भाई से मिलती है। मृत युवक ने जिस लाल रंग की शर्ट और काले रंग की पैंट पहनी है वैसे ही उसके भाई के पास भी है। उसने बताया कि कपड़ों और चेहरा देख ही उसने पहचाना की है कि यह उसका भाई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम होने से पहले ही अजय शंखवार पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपने जिंदा होने का प्रमाण दिया।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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