झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना के संबंध में यूपी स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी गठित की गई है। डीजी मेडिकल एजुकेशन की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच कमेटी अगले 7 दिनों में मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट देगी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इसे लेकर एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
किन चीजों की जांच करेगी कमेटी
उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस घटना के संबंध में शनिवार को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित करने की अधिसूचना जारी की।अधिसूचना के अनुसार झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना की जांच के लिए गठित समिति तीन बिंदुओं पर जांच करेगी। इसके तहत आग लगने का प्राथमिक कारण, किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोष की पहचान और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं के बचाव हेतु सिफारिशें देने का दायित्व समिति को सौंपा गया है।
कमेटी में कौन-कौन
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक की अध्यक्षता में निदेशक (स्वास्थ्य) चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं, अपर निदेशक, विद्युत चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं और महानिदेशक अग्निशमन द्वारा नामित अधिकारियों को समिति में शामिल किया गया है। प्रमुख सचिव ने जांच समिति से अपेक्षा की है कि वह अपनी जांच आख्या एक सप्ताह के अंदर शासन को उपलब्ध कराए।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में लगी थी आग
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार रात महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 शिशुओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए 16 अन्य बच्चे जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात करीब पौने 11 बजे आग लग गई, जो संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। झांसी में शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सात बच्चों का पोस्टमार्टम हुआ। तीन बच्चों के माता-पिता की पहचान न होने पर उनका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
