लखनऊ

अतीक हत्याकांड में बड़ा खुलासा, गुड्डू मुस्लिम को दिया था खुद पर हमले का कॉन्ट्रैक्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 29, 2023, 03:01 PM IST

Atiq Ahmed Murder case: अतीक अहमद ने 2002 में ऐसा ही किया था। उसने एक बार फिर वही चाल चली थी, जिससे उसकी सुरक्षा बढ़ जाए और पुलिस उसका एनकाउंटर न कर सके।

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अतीक अहमद हत्याकांड

Photo : BCCL

Atiq Ahmed Murder case: अतीक अहमद हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिसिया जांच के दौरान सामने आया है कि अतीक अहमद ने खुद पर हमले की साजिश रची थी और इसके लिए उसने अपने भरोसेमंद अपराधी गुड्डू मुस्लिम को कॉन्ट्रैक्ट दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने नए एंगल से भी जांच शुरू कर दी है।

कहा जा रहा है कि अतीक अहमद ने यह साजिश खुद की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रची थी। उसे शक था कि एनकाउंटर में पुलिस उसकी हत्या कर सकती है। ऐसे में वह चाहता था कि उस पर एक हमला हो, जिसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ा दी जाए। अतीक अहमद 2002 में भी ऐसा कर चुका था।

अब तक फरार है गुड्डू मुस्लिम

प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी गुड्डू मुस्लिम पुलिस के सिर का दर्द बना हुआ है। उमेश पाल हत्याकांड के समय उसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें वह बम बरसाता हुआ दिखा था। इसके बाद जब पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम की तलाश शुरू की, तो वह नहीं मिला। पुलिस गुड्डू मुस्लिम की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में भी छापेमारी कर चुकी है। उसे सिर पर पांच लाख रुपये का इनाम तक घोषित किया गया है। बता दें, गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद के भरोसेमंद आदमियों से एक था, वह बम बनाने का एक्सपर्ट माना जाता है।

पुलिस कस्टडी में हुई थी अतीक की हत्याबता दें, बीते दिनों अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हमला पुलिस हिरासत के दौरान हुआ। हमलवरों ने पत्रकार का रूप धारण कर वारदात को अंजाम दिया। इसके तुरंत बाद तीनों ने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया। तब से वे पुलिस की गिरफ्त हैं। अधिकारी उसने पूछताछ कर रहे हैं। वहीं उमेश पाल हत्याकांड के एक और आरोपी और अतीक के बेटे असद का भी एनकाउंटर हो चुका है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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