लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकार के मंत्री नंदगोपाल नंदी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया पर जैसे वार छिड़ गई है। दोनों एक दूसरे पर हमले कर रहें है। शुरुआत अखिलेश यादव की ओर से हुई। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री का एक क्लिप शेयर करते हुए लिखा, “जब भाजपाई जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो सही सवाल को बेतुका बता रहे हैं.”
साथ में हैशटैग में लिखा, ‘नोटबंदी के भाई नोटनंदी’ और ‘हो जीएसटी की SIR’. अखिलेश यादव के इस पोस्ट पर नंदगोपाल नंदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "जो लोग जनता से बार-बार नकारे जा रहे हैं! फेसबुक पर सस्ते मुशायरे बघारे जा रहे हैं!!
योगी सरकार के मंत्री यही नही रुके। नंदी ने लिखा,"अखिलेश जी याद है कि भूल गये? आपके कार्यकाल में माफियाओं ने उत्तर प्रदेश के विकास और तरक्की की नसबन्दी कर दी थी! आपके मुंह से नोटबन्दी शब्द वैसे ही लगता है जैसे ओसामा बिन लादेन विश्वशान्ति की बात कर रहा हो!
"सवाल जरूर बेतुके होते हैं जिनके बेतुके जवाब देकर ही आपको उत्तर प्रदेश के पप्पू के रूप में ख्याति मिल रही है! मेरी तो आपको भी सलाह है कि बेतुके जवाबों और बयानों से बचिये! कम से कम पूर्व मुख्यमंत्री के पद की गरिमा, गम्भीरता और मर्यादा तो बनी रहेगी!कोई भी वीडियो पूरा देखे और सुने बिना प्रतिक्रिया देना अपने पांव पर खुद ही कुल्हाड़ी मारने जैसा होता है! सोशल मीडिया पर खोखली राजनैतिक कुश्ती लड़कर आप अपने अन्ध समर्थकों को जरूर बरगला सकते हैं लेकिन प्रदेश की समझदार जनता को नहीं! उत्तर प्रदेश की जनता को मालूम है कि "विरासत में गद्दी तो मिल सकती है लेकिन बुद्धि नहीं!"
नंदी ने अखिलेश यादव के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए लिखा, "बाकी पहले किसी अच्छे ट्यूटर से "जीएसटी" के बारे में ट्यूशन लीजिये! आपका जीएसटी सही ढंग से लिखना तो सिखा ही देगा!" दरअसल, एक पत्रकार ने मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से जीएसटी को लेकर एक सवाल पूछा था। लेकिन मंत्री ने सवाल को ही ‘बेतुका’ करार दे दिया था।अखिलेश यादव ने उसी क्लिक को शेयर कर हैशटैग में ‘नोटबंदी के भाई नोटनंदी’ लिखा। अखिलेश के इसी पोस्ट के जवाब में एक बड़ा सा पोस्ट लिखते हुए नंदी ने अखिलेश यादव को करारा जवाब दिया है।
