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लखनऊ आग हादसा: इमारत में फंसे पालतू कुत्तों-बिल्लियों को बचाया गया, कई जानवर लापता

अलीगंज के एक पॉश इलाके में स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में सोमवार की दोपहर भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गये। ज्यादातर लोगों की मौत इमारत की ऊपरी मंजिल पर बने एनिमेशन सेंटर में हुई।

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लखनऊ में सोमवार को हुआ हादसा।

Photo : PTI

Lucknow coaching fire : लखनऊ के अलीगंज इलाके में आग हादसे की शिकार हुई तीन मंजिला इमारत में बचाव अभियान सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि इमारत के भूतल पर जानवरों की एक दुकान और क्लिनिक में फंसे कुत्तों व बिल्लियों को भी बचाने की जद्दोजहद की गई। जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने इमारत के भूतल और तहखाने में बने ’पेट शॉप’ और क्लिनिक में फंसे कई आवारा जानवरों को बचाने में मदद की।

घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत

अलीगंज के एक पॉश इलाके में स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में सोमवार की दोपहर भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गये। ज्यादातर लोगों की मौत इमारत की ऊपरी मंजिल पर बने एनिमेशन सेंटर में हुई। जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वालीं किरण शुक्ला आग लगने की सूचना मिलने पर फौरन मौके पर पहुंचीं।

इमारत में 'पेट शॉप’ और क्लिनिक

उन्होंने 'पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आग लगने के समय 'पेट शॉप’ और क्लिनिक के अंदर लगभग 22 कुत्ते व पिल्ले और लगभग 12 बिल्लियां और उनके बच्चे मौजूद थे। शुक्ला ने कहा, 'हमने तुरंत कुत्तों और पिल्लों को बाहर निकाला, सड़क की दूसरी ओर पहुंचाया और छांव में रखा गया। हालांकि, हमारे बेसमेंट में पहुंचने से पहले आग और भड़क चुकी थी और सामने की तरफ से अंदर जाना असम्भव था।’

बेसमेंट में सात बिल्लियां जिंदा मिलीं

उन्होंने बताया कि शाम सात बजे राहत देने वाली खबर मिली, जब बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट में सात बिल्लियां जिंदा मिलीं और उन्हें तुरंत बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। हालांकि शुक्ला ने चिंता जतायी कि बेसमेंट में मौजूद चार-पांच बिल्लियां लापता हैं और आशंका है कि आग में झुलसने से उनकी मौत हो गई है। उन्होंने कहा, 'हम इलाज के लिए आवारा जानवरों को इस पेट शॉप और क्लिनिक में लाते रहे हैं, इसलिए हम लंबे समय से यहां आते-जाते रहे हैं।’ शुक्ला ने बताया कि आग से पेट शॉप और क्लिनिक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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