Lucknow Coaching Fire Accident: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हादसे वाली इमारत को सील कर दिया है। साथ ही आम जनता के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि फॉरेंसिक और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके से जरूरी सबूत जुटा सकें। घटना के बाद देर रात तक भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया।
पुलिस ने इस मामले में अलीगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं और उत्तर प्रदेश फायर सर्विस अधिनियम की धाराओं के तहत छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, अब तक चार आरोपियों रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया गया है। मेडिकल जांच के बाद इन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
बिजली लाइन की मरम्मत का काम जारी
अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस बीच हादसे के कारण क्षतिग्रस्त हुई 440 वोल्ट की बिजली लाइन का मरम्मत कार्य भी जारी है। बिजली लाइन प्रभावित होने से लगभग 150 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। यह इलाका पुरानिया पावर हाउस के तहत आता है।
गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज में एक इमारत में भीषण आग लग गई थी। इमारत में लाइब्रेरी, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे थे। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई लोग खिड़कियों और रस्सियों के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इस दौरान एक व्यक्ति के इमारत से कूदने की भी सूचना है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
