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Kanpur में AI वाला 'फर्जी फौजी' गिरफ्तार; नायब सूबेदार बनकर सैकड़ों युवाओं को ठगा, नकली फोटो दिखाकर देता था झांसा

Kanpur News: कानपुर पुलिस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की मदद से एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है जिसने AI की मदद से फर्जी आर्मी ऑफिसर की पहचान बनाई और सैकड़ों युवाओं से लाखों रुपये ठगे।

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पुलिस हिरासत में आरोपी

Photo : Times Now Digital

Kanpur News: कानपुर में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस भी हैरान है। एक शातिर ठग ने खुद को भारतीय सेना का 'नायब सूबेदार' दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया और सैकड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।

AI से बनाई 'फौजी' वाली पहचान

गिरफ्तार आरोपी शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह यादव मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है। वह एक राज्य स्तरीय रेसलर रह चुका है, लेकिन जब सेना में भर्ती होने का उसका खुद का सपना पूरा नहीं हुआ, तो उसने ठगी की दुनिया में कदम रख दिया। आरोपी की चतुराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपनी पहचान को असली दिखाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल किया। उसके मोबाइल से ऐसी कई तस्वीरें मिली हैं जिनमें वह सेना की वर्दी पहने और अत्याधुनिक हथियारों के साथ नजर आ रहा है। ये तस्वीरें इतनी असली लगती थीं कि कोई भी उन पर शक नहीं कर पाता था। इन्हीं तस्वीरों और फर्जी आईडी कार्ड के दम पर वह कानपुर छावनी जैसे सुरक्षित क्षेत्रों में भी घुस जाता था।

स्पोर्ट्स कोटे का झांसा देकर लाखों की वसूली

शिवम यादव का ठगने का तरीका काफी व्यवस्थित था। वह युवाओं को खेल कोटे (Sports Quota) के जरिए सेना में सीधी भर्ती कराने का लालच देता था। पहले वह फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये लेता था और फिर नौकरी पक्की कराने के नाम पर 6 से 10 लाख रुपये तक की मांग करता था। पुलिस जांच में पता चला है कि उसने कानपुर और गोरखपुर में बाकायदा अपने फर्जी ऑफिस बना रखे थे। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सटीक सूचना पर कानपुर पुलिस ने चकेरी क्षेत्र से उसे दबोच लिया। उसके पास से सेना की वर्दी, जाली कैंटीन कार्ड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा का बयान

कानपुर की एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद फर्जी पहचान पत्रों की मदद से वह सेना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी प्रवेश पा लेता था। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिससे यह पता चल सके कि इस बड़े रैकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और अब तक कुल कितनी रकम की ठगी की जा चुकी है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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