कानपुर

Kanpur News: बुजुर्ग का सीना चीर आरपार हुई लोहे की रॉड, बिना बेहोश किए काटी रॉड, डॉक्टरों ने चमत्कार कर ऐसे बचाई जान

उत्तर प्रदेश के कानपुर में लोडर और बस में हुई टक्कर के बाद एक रॉड टूटकर बुजुर्ग यात्री के सीने से आरपार हो गई। लेकिन, हैलट अस्पताल के डॉक्टरों ने कमाल करते हुए बुजुर्ग की जिंदगी बचा ली।

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बुजुर्ग के सीने से आरपार हुई रॉड को काटते डॉक्टर

Photo : Twitter

कानपुर: जाको राखे साइयां मार सके न कोय। ये लाइन हम सभी कई बार सुन चुके हैं। लेकिन, जब यह हकीकत आपके सामने आती है तो आपको और यकीन हो जाता है। जी हां, ऐसा वाक्या कानपुर से सामने आया है। जहां, एक लोडर और बस में भयंकर टक्कर हो गई। इस हादसे में बस में बैठे बुजुर्ग के सीने को चीरते हुए एक लोहे की रॉड आरपार हो गई। आनन-फानन में घायल बुजुर्ग को लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट) ले जाया गया। बुजुर्ग की हालत और सीने में रॉड धंसी देख डॉक्टरों का भी सिर चकरा गया। जांच के दौरान पता चला कि रॉड दिल के करीब से आरपार हुई है। लिहाजा, जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो डॉक्टरों ने कटर से रॉड को काटकर अलग किया। इसके बाद तीन घंटे तक सर्जरी चलती रही और सफलता मिली तो बुजुर्ग को जीवनदान मिला।

वीभत्स नजारा देख सिर चकराया

दरअसल, अर्मापुर थाना क्षेत्र में गन फैक्ट्री के पास रविवार रात एक अनियंत्रित लोडर ने एक यात्री बस में जोरदार टक्कर मार दी। बस में कई यात्री सवार थे, लेकिन अलख प्रकाश नामक शख्स के लोहे की रॉड टूटकर बांई तरफ सीने को चीरते हुए आरपार हो गई। रॉड घुसने के बाद बस में खून ही खून था। वीभत्स नजारा देख बस के आसपास मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। घायल बुजुर्ग को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए हैलट अस्पताल ले जाया गया। इस बड़ी घटना की जानकारी होते ही सीएमओ सहित कई अधिकारी फौरन अस्पताल पहुंचे। सभी बुजुर्ग की हालत देख हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत सर्जरी का फैसला किया।

रॉड दिल के बहुत करीब

सबसे पहले डॉक्टरों ने लोहे की सरिया काटने वाला कटर मंगाकर रॉड को काटकर अगल किया। लोहे की रॉड दिल के बहुत करीब से होकर आरपार हुई थी तो डॉक्टरों ने बड़ी सावधानी के साथ सर्जरी की। इस काम के लिए हृदय रोग संस्थान के डॉक्टरों का भी सहयोग लिया गया। लगातार 3 घंटे चली सर्जरी के बाद बुजुर्ग की जिंदगी बचाई जा सकी। इस सर्जरी के सफल होने पर डॉक्टरों के पैनल को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय काला ने बधाई दी।

बिना एनेस्थीसिया के काटी गई रॉड

सबसे बड़ी बात ये है कि बिना एनेस्थीसिया के रॉड को काटकर अलग किया गया। बुजुर्ग की हिम्मत देख सभी हैरान रह गए। सर्जरी टीम में डॉ. प्रवेश शुक्ला, प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. प्रेमशंकर, कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनवर, डॉ. चेतना और डॉक्टर यामिनी शामिल रहीं।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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