Kanpur Murder mystery: कानपुर में गत अक्टूबर माह में हुए रोनिल सरकार हत्याकांड का खुलासा करने में आखिरकार पुलिस करीब सवा महीने की माथापच्ची के बाद कामयाब रही। पुलिस के मुताबिक मर्डर की गुत्थी सुलझाने में सर्विलांस और व्हाट्सएप चैट से मदद मिली। जिसमें सर्विलांस के जरिये मिले संदिग्ध नंबरों के आधार पर पुलिस छात्रा व हत्या के आरोपी विकास तक पुलिस पहुंची।
इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट रिकवर करवाई तो मामले में क्लू मिला, इसके बाद आरोपी पर पुलिस का शक पुख्ता हुआ। बाद में आरोपी से कई दफा पूछताछ जारी रही। पुलिस के मुताबिक कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी टूट गया व अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी परत दर परत राज उगलता गया। हालांकि पहले मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच कई बार दिशाहीन हो गई थी। अब पुलिस हत्या के पीछे की वजह पता लगाने में जुटी है।
इस तरकीब ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्रीमर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में उलझी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने मृतक रोनिल के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली। सर्विलांस टीम को मृतक के संपर्क में रहने वाली उसके साथ 10वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा का नंबर मिला। इसके बाद पुलिस ने छात्रा से पूछताछ की व उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। जिसमें विकास यादव का नंबर मिला। इसके बाद पुलिस सर्विलांस टीम ने जांच की तो विकास का नंबर घटनास्थल पर वारदात के दिन एक्टिव मिला। जिस पर पुलिस का शक विकास पर पुख्ता हो गया। हालांकि पुलिस ने उससे कई दफा पूछताछ की मगर वह टस से मस नहीं हुआ। पुलिस की मजबूरी ये थी कि उसके पास कोई सबूत नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने हैदराबाद से साइबर विशेषज्ञों की टीम को बुलाया। टीम ने छात्रा व विकास की चैट को निकाला। जिसमें मर्डर से संबंधित चैट थी। अब पुलिस के पास सारे सबूत थे। जिसके आधार पर विकास को दबोचा गया। हालांकि अब पुलिस दसवीं की छात्रा की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है। हालांकि पुलिस अब इस दिशा में भी जांच कर रही है कि इस वारदात में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि गत 31 अक्टूबर हो मृतक रोनिल अचानक लापता हो गया था।
