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Kanpur E Bus Fare: कानपुर में सफर करना होगा महंगा, अब ई-बस में न्यूनतम किराया 11 रुपये चुकाना पड़ेगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 16, 2023, 06:06 PM IST

Kanpur E Bus Fare: कानपुर में ईलेक्ट्रिक बसों से सफर करने वालों को महंगाई का झटका लगा है। कानपुर में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का घाटा कम करने के लिए नगरीय विकास निदेशालय ने न्यूनतम यात्री किराये में बढ़ोत्तरी की है। अब कानपुर में न्यूनतम किराया 11 रुपये कर दिया गया है। यह कदम घाटे को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

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कानपुर में ई-बस का न्यूनतम किराया 11 रुपये हुआ

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • कानपुर में अब ई-बस का न्यूनतम किराया 11 रुपये हुआ
  • ई-बसों के घाटे को कम करने की मंशा से हुई बढ़ोतरी
  • कानपुर की ई-बसों का न्यूनतम किराया बढ़ा

Kanpur E Bus Fare: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में ई-बसों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर जरूरी है। कानपुर में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का घाटा कम करने के लिए नगरीय विकास निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के बाद कानपुर में ई-बसों में सफर करना महंगा हो जाएगा। दरअसल, नगरीय विकास निदेशालय ने कानपुर में न्यूनतम यात्री किराए में पांच रुपये बढ़ा दिए हैं। यानि न्यूनतम किराया दोगुना हो गया है। ई-एसी बसों का न्यूनतम किराया अब 11 रुपये कर दिया है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी के अफसरों के अनुसार, ई-बसों के संचालन में एक किलोमीटर पर 70 रुपये खर्च आता है। आमदनी सिर्फ 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से ही हो रही है। जबकि 50 रुपये प्रति किलोमीटर के नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी से हो रही है।

क्षेत्रीय प्रबंधक परिचालन डीवी सिंह के अनुसार, कानपुर शहर में अभी 98 ई- बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित की जा रही हैं। गरीय विकास निदेशालय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में किराया में पांच रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। पहले यह किराया पांच रुपये था, लेकिन एक रुपया दुर्घटना मुआवजा का जुड़ता है, जिससे न्यूनतम किराया मात्र छह रुपये था। अब छह किलोमीटर तक के सफर के लिए 11 रुपये चुकाने होंगे

ठंड कम होने पर कमाई बढ़ेगी

इलेक्ट्रिक सिटी बस प्रबंधन का कहना है कि सर्दी के पहले आमदनी 24 रुपये प्रति किलोमीटर हो गई थी, लेकिन ठंड अधिक होने से अब यात्री बसों में सफर कम कर रहे हैं। अब एक रुपये दुर्घटना राशि और न्यूनतम किराया पांच रुपये बढ़ाकर कमाई और खर्च के बीच का अंतर कम होगा। इसके साथ ही विभाग को यात्रियों की सुविधा के लिए सब्सिडी भी कम देनी पड़ेगी।

सीएनजी बसों पर कम खर्च और आमदनी अधिक

सीएनजी सिटी बसों पर खर्चा कम है, लेकिन आमदनी ई-बसों से अधिक है। हालांकि कमाई और खर्च में डिफरेंस है, जो सब्सिडी से पूरा हो रहा है। अभी सीएनजी बसों पर प्रति किलोमीटर 50 रुपये का खर्च आता है, जबकि आमदनी 22 रुपये प्रति किलोमीटर है। सीएनजी बसों में 28 रुपये तो इलेक्ट्रिक बसों में 50 रुपये प्रति किमी का घाटा है। इलेक्ट्रिक सिटी बस प्रबंधन डीवी सिंह का कहना है कि नगरीय विकास निदेशालय पर न्यूनतम किराए में पांच रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। यूपी में जहां भी ई-बसों का संचालन हो रहा है वहां बढ़ी दरें लागू की गई हैं। कानपुर में सबसे बाद में बढ़ी दरें लागू की जा रही हैं। ठंड कम होने पर ई- बसों की कमाई बढ़ेगी।
टाइम्स नाउ नवभारत
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