Lucknow, Kanpur Bharat Bandh 9 July 2025: अगर आप भी 9 जुलाई यानी बुधवार को बैंक, पोस्ट ऑफिस या किसी सरकारी काम से कार्यालय जाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। क्योंकि, आज भारत बंद का आह्वान किया गया है। देशभर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। ये कर्मचारी, बीमा, राजमार्ग कोयला खनन समेत कई क्षेत्रों के होंगे। इनके सहयोग में 10 ट्रेड यूनियन और उनकी सहयोगी इकाइयों की ओर से मजदूर, किसान और राष्ट्र विरोधी नीतियों का करने के लिए बुलाई गई है। भारत बंद का असर यूपी के विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण बाजारों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, भाजपा शासित प्रदेश होने के कारण व्यापक असर की उम्मीद नहीं लग रही है। आइये जानते हैं इसका कानपुर और लखनऊ में क्या असर रहेगा?
कौन होगा शामिल?
9 जुलाई को देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल के समर्थन में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), भारतीय ट्रेड यूनियनों का केंद्र (CITU), हिंद मजदूर सभा (HMS), स्व-नियोजित महिला संघ (SEWA), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF), यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC) हैं।
क्या है कारण?
भारत बंद का आह्वान करने वाले फोरम का कहना है कि आर्थिक नीतियों के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और मजदूरी घट रही है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर सामाजिक क्षेत्र के खर्च में कमी आ रही है। ये सभी कारक गरीबों, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए बढ़ती असमानता और पीड़ा का कारण बन रहे हैं।
इस बंद का असर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी देखा जाएगा। खासकर, बड़े शहरों-जैसे लखनऊ, कानपुर, इत्यादि में शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे या नहीं इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न ही इमरजेंसी सेवाओं पर कोई असर पड़ता दिखाई दे रहा है। बंद के दौरान हॉस्पिटल, एंबुलेंस से लेकर सार्वजनिक परिवहन बस, ट्रेनों के परिचालन को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। हड़ताल की वजह से बैंकिंग, डाक, कोयला खनन, कारखानें और राज्य परिवहन सेवाएं मामूली तौर पर प्रभावित हो सकती हैं।
बंद के समर्थन में आजाद समाज पार्टी और बसपा ने अपने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से भारत बंद में सहयोग करने की अपील की है। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस ज्यादा सतर्क है। कुछ ही इलाकों में अपने स्तर पर बाजार बंद रखने की बात सामने आई है।
