कानपुर

IIT Kanpur: नेत्रहीनों के लिए बनाई स्मार्ट वॉच, ऐसे करेगी काम, जानिए घड़ी में क्या है खासियत?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 5, 2023, 02:36 PM IST

Kanpur Haptic Watch: आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों द्वारा दृष्टिबाधितों और नेत्रहीनों के लिए हैप्टिक स्मार्ट घड़ी विकासित की है। घड़ी का अलार्म उन्हें हर कदम पर सचेत करता रहेगा। कंपनी बड़े स्तर पर निर्माण कर घड़ी को बिक्री के लिए बाजार में लाएगी। इस घड़ी की कीमत तीन से पांच हजार के बीच में होगी।

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आईआईटी कानपुर ने नेत्रहीनों के लिए बनाई हेप्टिक वॉच

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • आईआईटी कानपुर ने दृष्टिबाधितों के लिए तैयार की स्मार्ट वॉच
  • आईआईटी कानपुर की स्मार्ट घड़ी नेत्रहीनों की करेगी मदद
  • तीन से पांच हजार के बीच में होगी घड़ी की कीमत

Kanpur Haptic Watch: उत्तर प्रदेश स्थित आईआईटी कानपुर में तैयार स्मार्ट घड़ी नेत्रहीनों के लिए मददगार बनेगी। यह न सिर्फ नेत्रहीनों को टाइम बताएगी,बल्कि उनकी निजता और परेशानियों का भी ख्याल रखेगी। स्वास्थ्य के सभी मानकों को लेकर भी स्मार्ट घड़ी अपडेट करेगी। घड़ी को हैप्टिक स्मार्टवॉच का नाम दिया है। जल्द ही यह हैप्टिक स्मार्ट घड़ी बाजार में मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए आईआईटी ने एम्ब्रेन इंडिया के साथ अपनी तकनीक का समझौता कर लिया है। कंपनी बड़े स्तर पर निर्माण कर घड़ी को बिक्री के लिए बाजार में लाएगी।

इस घड़ी की कीमत तीन से पांच हजार के बीच में होगी। इसको नेशनल सेंटर फॉर फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रानिक्स के प्रोफेसर सिद्धार्थ पण्डा और विश्वराज श्रीवास्तव ने विकसित किया है। यह स्मार्ट घड़ी नॉवेल टच सेंसेटिव हैप्टिक स्मार्ट वॉच के रूप में है, फिलहाल इसके दो वैरिएंट लाए गए हैं।

स्मार्ट घड़ी में 12 टच सेंसटिव घंटे मार्कर डायल होंगे

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर और एम्ब्रेन इंडिया प्रा.लि.के निदेशक अशोक राजपाल ने प्रो.एआर हरीश, प्रो.अंकुश शर्मा, विश्वराज श्रीवास्तव और प्रो.सिद्धार्थ पण्डा की मौजूदगी में समझौता कर लिया है। स्मार्ट घड़ी में 12 टच सेंसटिव घंटे मार्कर डायल होते हैं। इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को मार्करों को अपनी उंगलियों से स्कैन करना जरूरी है। अभी बाजार में जो घड़ी नेत्रहीन लोगों के लिए हैं, उनमें आमतौर पर टॉकिंग, कंपिंग और बेल आधारित टेक्नोलॉजी पर कार्य करती हैं। यह घड़ियां उतनी सफल नहीं हुई हैं, इनकी कीमत भी बेहद ज्यादा है।

जानिए इसमें क्या है खासियत?

जिससे यह हर किसी के इस्तेमाल में यह नहीं आ सकती है। अब आईआईटी कानपुर ने इस हैप्टिक घड़ी का निर्माण किया है। अब हर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित तक यह घड़ी पहुंचाने और उन्हें टाइम और स्वास्थ संबंधी चीजों के बारे में जानकारी लेने में कोई परेशानी ना हो। इस घड़ी में कई ऐसे स्मार्ट फीचर हैं, जो आज के टाइम में बेहद जरूरी हैं। हार्टबीट, स्टेप काउंट, हाइड्रेशन रिमाइंडर जैसे स्वास्थ्य मापदंड इसमें रखे गए हैं। इस घड़ी का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। जिस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इसको बनाने में किया गया है, वह इसे और मजबूत बनाती है।

दृष्टिबाधित और नेत्रहीनों के लिए वरदान होगी यह घड़ी

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर के अनुसार, यह घड़ी दृष्टिबाधित और नेत्रहीनों के लिए वरदान साबित होगी। इस हैप्टिक स्मार्ट वॉच का विकास आईआईटी कानपुरकी ओर से किया गया है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यह एक अलग उपलब्धि भी है। क्योंकि बेहद किफायती दामों में एडवांस टेक्नोलॉजी की घड़ियां नेत्रहीनों को उपलब्ध कराई जाएंगी।
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