कानपुर

Kanpur के कलक्टरगंज गल्ला मंडी में लगी भीषण आग, 2 झुलसे, विस्फोट से धुएं में लिपटा इलाका

यूपी के कानपुर शहर स्थित कलक्टरगंज गल्ला मंडी में भीषण आग लगने से 2 लोगों के झुलसने की सूचना है। आग लगने के बाद क्षेत्र में घना धुआं फैल गया और सिलेंडरों में विस्फोट से स्थिति और गंभीर हो गई। दमकल की गाड़ियां आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं।

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कलक्टरगंज गल्ला मंडी में लगी भीषण आग

कानपुर : शहर के कलक्टरगंज थाना क्षेत्र में स्थित गल्ला मंडी और गोदाम में मंगलवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड ने केमिकल गोदाम, बारदाना और रुई के गोदाम समेत तमाम दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया है। CFO दीपक शर्मा के मुताबिक, अब तक करीब 30 दुकानों और गोदाम में आग लगी है। वहीं इस हादसे में 2 लोगों के झुलसने की भी बात सामने आई है।

कलक्टरगंज में हैं ये दुकानें

गौरतलब है कि, यहां पर बारदाने और बोरे सिलने का काम किया जाता है। बड़ी संख्या में गल्ला-राशन, गुड़ और रुई की दुकानें हैं। इसके अलावा कई गोदाम भी हैं। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 3 बजे हुई इस घटना के बाद फायर कर्मी लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मीरपुर, लाटूश रोड और कर्नलगंज फायर स्टेशन से 6 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं हैं।

कई किलोमीटर तक आई धमाके की आवाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग का धुआं करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था और एकदम से धमाका हुआ, जिसके बाद आग का गोला और धुएं का गुबार ऊपर की ओर बढ़ा। बता दें कि इस क्षेत्र में गल्ला, किराना, सौंफ मार्केट, मूंगफली बाजार हैं। करीब आधा-पौन घंटा बाद दमकल पहुंचने के बाद अब कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। हमारे सहयोगी शाश्वत गुप्ता ने बताया कि धमाके इतने तेज थे कि कई किलोमीटर तक उसकी आवाज सुनाई दी और पूरा इलाका धुएं के गुबार में लिपट गया, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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