Kanpur Elevated Railway Track Project: कानपुर में अनवरगंज-मंधना रेलवे लाइन पर जल्द ही एलिवेटेड ट्रैक निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसके चलते लगभग दो महीने बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है। रेलवे अधिकारियों ने परियोजना के निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए रेलवे बोर्ड से 730 दिनों के ब्लॉक की मांग की है और इस संबंध में आवश्यक पत्राचार भी किया जा चुका है।
ब्लॉक की स्वीकृति मिलने से पहले ही निर्माण एजेंसी ने मौजूदा रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्र का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 1,115 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें से लगभग आधी राशि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा रेलवे विभाग को जारी की जा चुकी है। एलिवेटेड ट्रैक निर्माण का जिम्मा राजस्थान की कंपनी रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (आरआईपीएल) को सौंपा गया है। कंपनी को हाल ही में कार्यादेश मिलने के बाद उसने जमीन और रेलवे क्षेत्र के विस्तृत सर्वे का काम तेज कर दिया है, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके।
कब होगा रेलवे लाइन को हटाने का कार्य शुरू?
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना के लिए चल रहे सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत डिजाइन तैयार किया जाएगा। डिजाइन तैयार होने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड के पास भेजा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले डेढ़ से दो महीने के अंदर आवश्यक ब्लॉक मिलने की संभावना है। ब्लॉक स्वीकृत होने के बाद मौजूदा रेलवे लाइन को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इसके बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अभिषेक यादव के मुताबिक, 15.52 किलोमीटर लंबे और 17 मीटर चौड़े एलिवेटेड डबल ट्रैक का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के सामने स्थित दलहन भूमि पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से एक आधुनिक एलिवेटेड 'अटल स्टेशन' विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सीमांकन पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी
अगले दो से तीन दिनों में जमीन का सीमांकन पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित ‘अटल स्टेशन’ इस पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर का एकमात्र स्टेशन होगा, जिसे सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के लाखों लोगों को इस मार्ग पर स्थित 14 रेलवे क्रॉसिंगों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड से 730 दिनों का ब्लॉक मिलने के बाद अनवरगंज-मंधना रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन में बड़े बदलाव किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार अगले डेढ़ से दो महीने के भीतर इस सेक्शन पर रेल यातायात बंद किया जा सकता है। इसके बाद ट्रेनों को उत्तर मध्य रेलवे के कानपुर-इटावा-टूंडला-आगरा मार्ग से संचालित करने की योजना है। कुछ ट्रेनों को रद्द करने की नौबत भी आ सकती है।
40 से ज्यादा एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनें संचालित
वर्तमान में इस रेलखंड से राजस्थान, मुंबई समेत देश के कई प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें गुजरती हैं। इस मार्ग पर 40 से अधिक एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनें तथा छह से ज्यादा मालगाड़ियां नियमित रूप से संचालित होती हैं। ऐसे में ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ सकता है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अभिषेक यादव के अनुसार निर्माण कार्य से पहले टोपोग्राफिकल सर्वे कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में आधुनिक उपकरणों की मदद से जमीन की विस्तृत मैपिंग की जाती है, जिससे क्षेत्र की ऊंचाई-निचाई, मौजूदा संरचनाओं और अन्य भौगोलिक विशेषताओं का त्रि-आयामी (3-डी) मॉडल तैयार किया जा सके। इसी आधार पर यह तय होगा कि एलिवेटेड ट्रैक का मार्ग क्या होगा और उसका सड़क, फ्लाईओवर, भवनों व अन्य ढांचों के साथ समन्वय किस प्रकार रहेगा।
संभावित बाधाओं की पहचान भी की जा रही
सर्वेक्षण के दौरान टोटल स्टेशन और जीपीएस तकनीक की सहायता से जमीन के सटीक निर्देशांक, लंबाई, चौड़ाई और समुद्र तल से ऊंचाई दर्ज की जा रही है। साथ ही ट्रैक के रास्ते में आने वाले भवनों, सड़कों, पुलों, पेड़ों और बिजली के खंभों जैसी संभावित बाधाओं की पहचान भी की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित और तकनीकी रूप से उपयुक्त तरीके से किया जा सके। अभिषेक यादव ने बताया कि अनवरगंज से मंधना तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो चुका है और स्वीकृत बजट की लगभग आधी राशि भी प्राप्त हो गई है। पुराने ट्रैक को हटाने और नई संरचना के निर्माण के लिए रेलवे बोर्ड से 730 दिनों के ब्लॉक की मांग की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के सामने प्रस्तावित अटल स्टेशन के लिए भूमि सीमांकन का कार्य अगले एक-दो दिनों में पूरा कर निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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