कल का मौसम 4 नवंबर 2025
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): नवंबर की शुरूआत के साथ देशभर में ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। सुबह-शाम की हल्की ठंड अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। लेकिन इसी बीच मौसम में एक बार फिर बदलाव की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के हाल की बात करें तो कोंकण क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, कल 4 और 5 नवंबर 2025 को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना जताई गई है। इसी के साथ, पंजाब और हरियाणा में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। जम्मू, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं से लेकर कई जगहों पर कल बारिश/बर्फबारी हो सकती है। 3 नवंबर 2025 की सुबह 8:30 बजे भारतीय समयानुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य भाग और म्यांमार तट के समीप एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय था।
अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों को प्रभावित करने की संभावना है। इसी दिन सुबह 5:30 बजे तक उत्तर-पूर्वी अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया। हालांकि, इस क्षेत्र में अब भी एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे सौराष्ट्र तक फैला हुआ है और समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर पूर्वी बांग्लादेश और उसके आसपास के हिस्सों में एक ऊपरी वायु चक्रवात मौजूद है। इसके अतिरिक्त, निचले स्तर पर ही उत्तर-पूर्वी असम और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, मध्य क्षोभमंडल स्तर पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 32° उत्तरी अक्षांश और 60° पूर्वी देशांतर के साथ स्थित है। इसके अलावा, पश्चिमी हवाओं में भी एक प्रवाह निचले क्षोभमंडल स्तर पर लगभग 22° उत्तरी अक्षांश और 90° पूर्वी देशांतर के साथ फैला हुआ है। ऐसे में आइए जानते हैं कल का और आगामी दिनों का मौसम अन्य जगहों पर कैसा रहेगा?
दिल्ली में कल आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्का या उथला कोहरा देखने को मिल सकता है। राजधानी में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री तक अधिक रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। सुबह के समय प्रमुख सतही हवाएं दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेंगी, जिनकी गति लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। दोपहर तक हवा की गति धीरे-धीरे बढ़कर दक्षिण-पूर्व दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि शाम और रात में यह गति घटकर 10 किलोमीटर प्रति घंटा से कम रहने की संभावना है।
राजधानी समेत एनसीआर के कई क्षेत्र इन दिनों घने धुंध की परत में लिपटे हैं, जबकि शहर की वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 316 तक पहुंच गया, जो लगातार उच्च स्तर के प्रदूषण की ओर इशारा करता है। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 28 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 300 से अधिक दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि एक्यूआई स्तर 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से लगभग 1.9 डिग्री अधिक है। विभाग का अनुमान है कि हवा में हल्का कोहरा बना रहेगा और दिन का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य और साफ रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के असर के खत्म होने के बाद राज्य में अब शुष्क परिस्थितियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, सुबह के समय हल्की धुंध और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। अनुमान है कि 8 नवंबर तक पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहेगा। 4 नवंबर को पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि 5 और 6 नवंबर को भी इसी तरह साफ मौसम बने रहने के आसार हैं। 7 और 8 नवंबर को भी प्रदेश में मौसम सामान्य और साफ रहने की उम्मीद जताई गई है।
स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून 2025 के दौरान बिहार देश का सबसे कम वर्षा वाला राज्य रहा। सितंबर के अंत में कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश होने के बावजूद, पूरे मौसम में राज्य में 31 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई, जो मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक थी। हालांकि अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। आम तौर पर अक्टूबर–नवंबर के महीने देश के अधिकांश हिस्सों में, दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर, शुष्क रहते हैं, लेकिन इस बार बिहार में इस अवधि में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा हुई है। केवल अक्टूबर माह में ही राज्य में औसत से 169 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जो 1 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 के बीच बढ़कर 213 प्रतिशत तक पहुंच गई।
पिछले दस दिनों से मुंबई में लगातार बारिश हो रही है, जो इस समय के लिए काफी असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर मानसून की वापसी के बाद, मुंबई में मध्य अक्टूबर से शुष्क और सुखद मौसम बना रहता है। हालांकि, अरब सागर में यदि मानसून के बाद किसी चक्रवाती गतिविधि का प्रभाव होता है, तो मौसम फिर से सक्रिय हो जाता है। इस वर्ष भी ऐसा ही देखने को मिला, जब 22 अक्टूबर से लक्षद्वीप क्षेत्र के पास एक अवदाब बना, जो धीरे-धीरे अरब सागर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रहा। वर्तमान में यह अवदाब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका अवशिष्ट चक्रवाती परिसंचरण अभी भी उत्तर-पूर्वी अरब सागर क्षेत्र में बना हुआ है और इसके प्रभाव से गुजरात तथा कोंकण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मौसम संबंधी गतिविधियां जारी हैं।
मौसम विभाग की हाल फिलहाल की वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 4 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी कहीं-कहीं पर बिजली गिरने और गरज के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड के के ऊंचाई वाले हिस्सों में 4 और 5 नवंबर को बर्फबारी होने की संभावना है। इसके साथ ही, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, 4 और 5 नवंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से लेकर व्यापक वर्षा या बर्फबारी होने के आसार हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा में इन दिनों छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी।
4 से 5 नवंबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 5 से 7 नवंबर के दौरान गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि आगामी दिनों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले 3 से 4 दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, पूर्वी भारत में आने वाले 3 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट की संभावना है, जिसके बाद अगले 3 से 4 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने के आसार हैं।
देश के ज्यादातर हिस्सों में ठंड की दस्तक हो चुकी है। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने लगी है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
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