कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मौसम का हाल तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रहने के बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, आंधी और हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तरी केरल और आसपास के क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा झारखंड और उससे सटे इलाकों के निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद हैं, जो मौसम गतिविधियों को प्रभावित कर रहे हैं।
इसके अलावा म्यांमार और उससे लगे अंडमान सागर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर तक फैला हुआ है। वहीं जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय है। इसके साथ मध्य ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ भी मौजूद है, जिसकी धुरी लगभग 74° पूर्वी देशांतर के साथ 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है। पंजाब और आसपास के इलाकों में भी एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी प्रणाली से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक एक ट्रफ रेखा विस्तारित हो रही है, जिससे मौसम में बदलाव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रभाव डाल सकता है, जिसके कारण वहां मौसम गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु के शेष भागों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्वी राज्यों और बंगाल की खाड़ी के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके बाद अगले 4 से 5 दिनों में मानसून के पूरे मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के और अधिक हिस्सों, कर्नाटक के शेष क्षेत्रों, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के अन्य भागों, छत्तीसगढ़, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून का लेटेस्ट अपडेट
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 6 जून 2026 को आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों, तमिलनाडु के अधिकांश भागों तथा दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, उत्तर-पूर्व और पूरे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के विस्तृत क्षेत्रों को कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून मिजोरम और मणिपुर के भी कई हिस्सों में पहुंच गया है। 6 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा 17.5°N/60°E, 17.5°N/65°E, 17°N/70°E, देवगढ़, कोप्पल, अनंतपुरम, चेन्नई, 15.5°N/85°E, 20°N/89.5°E, आइजोल और 25°N/95°E से होकर गुजर रही है।
दिल्ली में कल का मौसम कैसा रहेगा?
7 जून 2026 को दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ कम दर्ज किया जा सकता है। सुबह के समय पश्चिमी दिशा से लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। दोपहर में हवाओं की गति बढ़कर करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है, जबकि शाम और रात के दौरान उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवाओं की रफ्तार घटकर लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
यूपी में अगले पांच दिनों का मौसम
अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग समय पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 10 से 12 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की संभावना अधिक रहेगी, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 11 और 12 जून को कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। इस अवधि में कई जिलों में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तापमान की बात करें तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी बनी रहेगी। विशेष रूप से 9 से 11 जून के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 और 10 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना जताई गई है। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी और उमस का असर महसूस होगा।
बिहार में कल का मौसम
7 और 8 जून 2026 के दौरान बिहार में मौसम अपेक्षाकृत सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की भी संभावना है। इन दो दिनों के दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 7 जून को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ मौसम में हल्की राहत महसूस हो सकती है, जबकि 8 जून को भी बादल छाए रहने और छिटपुट वर्षा की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान दिन के तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बादलों और वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर कम हो सकता है।
राजस्थान के 25 जिलों के लिए अलर्ट
राजस्थान की बात करें तो यहां के 25 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 8 जून से पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और लू की स्थिति फिर से बन सकती है। राज्य भर में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने के कारण राजस्थान में गर्मी से राहत का दौर बना हुआ है। इसी के साथ मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि, राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश से लू की स्थिति से लगातार राहत मिलने की उम्मीद है, फिर भी लोगों को आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में एक हफ्ते ऐसा रहेगा मौसम
अगले हफ्ते पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज काफी हद तक बदला हुआ नजर आ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में समय-समय पर बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। खासकर उत्तराखंड में 7 से 12 जून के बीच विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 7 से 8 जून और फिर 11 से 12 जून के दौरान बारिश के आसार बने हुए हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में भी सप्ताहभर मौसम सक्रिय रह सकता है। कई स्थानों पर बादल छाए रहने, बारिश होने तथा ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के तेजी से बदलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में कल के मौसम का हाल
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। IMD के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अधिकांश हिस्सों में लगातार वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 7 से 12 जून के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी सप्ताह के अधिकांश दिनों में वर्षा का दौर जारी रह सकता है। पर्वतीय और नदी तटीय इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से असम और मेघालय में 8 और 9 जून को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
केरल में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
केरल के कई हिस्सों में शुक्रवार को रात भर हुई भारी बारिश शनिवार सुबह भी जारी रही, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए, घरों को नुकसान पहुंचा और राज्य के कुछ हिस्सों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज पांच जिलों मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, राज्य के छह जिलों पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी तीन जिलों में दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया। रेड अलर्ट को देखते हुए वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में आज के दिन पर्यटक ट्रेकिंग स्थलों में प्रवेश, पहाड़ी सड़कों पर रात्रि यात्रा और खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में शनिवार को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। IMD ने यह भी कहा कि 7 से 10 जून तक केरल में गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
तमिलनाडु में 9 जून तक भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने से 9 जून तक तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होगी। 7 जून के लिए, आरएमसी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है। नीलगिरी, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, कन्याकुमारी और कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। तेनकासी, तिरुनेलवेली, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, विरुधुनगर और मदुरै जिलों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की उम्मीद है। तेनकासी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुप्पुर, मदुरै और विरुधुनगर जिलों में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, जहां कुछ जगहों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
अधिकतम तापमान कैसा रहेगा?
11 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने के संकेत हैं। वहीं मध्य भारत में 10 जून तक दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जाएगा। महाराष्ट्र में 7 से 9 जून के बीच तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 12 जून तक तापमान में कोई खास परिवर्तन की संभावना नहीं है।
गर्मी कहां-कहां पड़ेगी?
गर्मी को लेकर जारी चेतावनी के अनुसार 8 से 11 जून के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ इलाकों में लू चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 8 से 12 जून तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9 और 10 जून को हीटवेव की स्थिति बनने के आसार हैं। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 9 और 10 जून को लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 7 और 8 जून तथा ओडिशा में 7 और 8 जून के दौरान भी गर्म हवाओं का असर रहने की संभावना है। ओडिशा में 8 से 10 जून के बीच गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। वहीं 7 जून की रात राज्य के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म रातें दर्ज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
