कल का मौसम कैसा रहेगा 17 सितंबर 2025 : मानसून की अवधि लगभग खत्म होने को है, लेकिन अभी भी बादल तांडव दिखा रहे हैं। खासकर, पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार वर्षा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बंगाल की खाड़ी से बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) और उत्तर भारत में एक्टिव हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से विभिन्न राज्यों में मौसमी गतिविधियां जारी हैं। यही कारण है उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही का आलम है। मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू समेत हिल्स एरिया में इस सप्ताह आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान अत्यधिक पानी के वेग से लैंडस्लाइड और बाढ़ का खतरा जताया है। 17, 18 सितंबर को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। कहीं-कहीं हल्की हवाओं के साथ बौछारें मौसम को सुहावना बना सकती हैं। हालांकि, बादलों की बेरुखी से गर्मी और उमस भी परेशान कर रही है। आईएमडी ने अगले 2 से 4 दिन तक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात में काले बादलों के छाए रहने, आंधी-तूफान की संभावनाओं के बीच मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। लिहाजा, खराब मौसम के समय खुले आसमान के नीचे रहने से बचना होगा। 20 सितंबर को बंगाल की खाड़ी से एक मानसूनी ट्रफ बनने से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ में चक्रवाती हवाओं के साथ भारी वर्षा होगी। इसके प्रभाव से कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, लक्ष्यद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मौसमी गतिविधियां मौसम को सुहावना बनाए रखेंगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव
दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2025) राजस्थान से वापसी कर चुका है, जिस कारण आसमान साफ दिख रहे हैं और दिन में धूप की मात्रा बढ़ी है तो रात्रि में ओस के साथ तापमान में कमी आई है। विदाई के दौरान मानसून अपने तेवर तेज कर सकता है। सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों पर एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका (East-West Trough) रेखा बनी हुई है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार का सीमांचल क्षेत्र कवर है। लिहाजा, इन दोनों राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान बादलों की चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में बादलों की बेरुखी जारी है। पिछले कई दिनों से बादलों की आवाजाही तो हो रही है, लेकिन बूंदें धरती तक नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। खासकर, दिन में तापमान में वृद्धि से गर्मी और उमस परेशान कर रही है। आईएमडी के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग की मानें तो अगले एक से दो दिन में एक बार फिर मानसून के वापसी के संकेत हैं। 17 से 19 सितंबर तक हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अगर, बारिश होती है तो तापमान में कमी आएगी और मौसम का मिजाज थोड़ा ठंडा होगा। बारिश के कारण प्रदूषण पर ब्रेक लगेगा। हालांकि, मौजूदा समय में एक्यूआई (AQI) 116 के आसपास दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
| शहर का नाम | न्यूनतन तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 27°C | 35°C |
| चंडीगढ़ | 23°C | 30°C |
| जयपुर | 25°C | 32°C |
| भोपाल | 23°C | 31°C |
| मुंबई | 26°C | 28°C |
| लखनऊ | 26°C | 29°C |
| पटना | 26°C | 29°C |
| हैदराबाद | 23°C | 28°C |
| देहरादून | 22°C | 27°C |
| शिमला | 17°C | 23°C |
| कश्मीर | 11°C | 17°C |
बिहार में कैसा है मौसम
बिहार में मानसून की सक्रियता मौसम काफी सुहावना है। पिछले कई दिनों से राजधानी समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 5 से 7 दिन राज्य के पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, जमुई, नालंदा, अरवल, जहानाबाद, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और समस्तीपुर गरज चमक के साथ बारिश दर्ज की जाएगी। 18 से 21 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि, तापमान में ज्यादा बदलाव के संकेत नहीं हैं। इस दौरान कई जिलों में ठनका की चेतावनी है। लिहाजा, बचकर रहना होगा।
यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दोबारा एक्टिव होने से कई जिलों में मौसमी गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 2 दिन यानी 17 और 18 सितंबर को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान करीब 26 जिलों में गरज चमक के साथ आंधीनुमा हवाएं बहेंगी और बारिश जमकर भिगाएगी। इस दौरान कई हिस्सों में वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक, यह दौर 21 सितंबर तक जारी रह सकता है। खासकर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, कासगंज के साथ बुंदेलखंड के ललितपुर, झांसी, महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, फतेहपुर, कौशांबी, रायबरेली, उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, एटा, इटावा में हल्की बौछारें गिरने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। उधर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, गोंडा, अमेठी, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, संतकबीर नगर, सोनभद्र, जौनपुर, आजमगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया में गरज चमक के साथ मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान का मौसम
राजस्थान में मानसून की वापसी होने वाली है। लेकिन, जाते-जाते कुछ हिस्सों में बौछारें कर सकता है। मौसम विभाग ने 17 और 18 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान चार से पांच जिलों में हवाओं के साथ तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, ज्यादातर जिलों में बादल की बेरुखी रहेगी, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आएगी और लोगों को उमस एवं गर्मी से राहत मिलेगी।
उत्तराखंड का मौसम तूफानी
उत्तराखंड आसमानी आफत की चपेट में है। मंगलवार की रात देहरादून में बादल फटने और रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण तबाही मच गई। इस आसमानी कहर से कई लोगों के मरने की खबर है। मौसम विभाग की मानें तो सहस्त्रधारा (Sahastradhara Cloudburst), मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला आपदा से अधिक प्रभावित हुए। सहस्त्रधारा में 192 मिमी, मालदेवता में 141.5 मिमी, हाथी बरकला और जॉली ग्रांट में 92.5 मिमी और कालसी में 83.5 मिमी बारिश हुई। बारिश के बाद ज़्यादातर नदियां उफान पर हैं। तमसा नदी जिसके किनारे प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर स्थित है, खतरे के निशान के बहुत करीब बह रही है। गंगा और यमुना भी खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। भारी बारिश के कारण सोंग नदी उफान पर है जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ आ गई। ऋषिकेश में सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए भयंकर बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश में भीषण बारिश ने तबाही मचा दी है। मंगलवार की रातभर हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और मंडी में एक बस स्टैंड जलमग्न हो गया। भयंकर बारिश के कारण मंडी जिले के धरमपुर में सोन और भारंद नालों में बाढ़ आ गई। उधर, शिमला में शहर के मध्य में हिमलैंड के निकट भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में दब गए और मुख्य सर्कुलर रोड अवरुद्ध हो गया। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 2 दिन तक मौसमी गतिविधियां होने की चेतावनी जारी की है।
हरियाणा-पंजाब का मौसम
हरियाणा के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों के दौरान जींद, कैथल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूह के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, अत्यधिक जिले शुष्क रहेंगे। आईएमडी का कहना है कि 17 सितंबर से 20 सितंबर के बीच एक बार फिर मौसम करवट लेगा। इस दौरान मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। कमोबेश ऐसी ही बारिश पंजाब के कुछ हिस्सों में दर्ज की जाएगी।
महाराष्ट्र का मौसम
महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय है। पिछले 24 घंटे में भारी बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। आईएमडी ने मराठवाड़ा के आठ में से पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश के संकेत दिए हैं। आईएमडी की मानें तो बीड, नांदेड़ और जालना में 120 मिमी से अधिक बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। तेज मौसमी गतिविधियों के कारण बांधों, नदियों और संवेदनशील गांवों की निगरानी बढ़ा दी गई है। आईएमडी ने मुंबई, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इसका कुछ असर गुजरात के कई हिस्सों में देखा जा रहा है।
