Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : होली पर्व के बाद तापमान तेजी के साथ बढ़ेगा, जिससे लोगों को अधिक गर्मी का एहसास होगा। आईएमडी ने अभी से कई राज्यों के लिए लू का अलर्ट जारी कर दिया है। लेकिन, मौजूदा समय में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, बंगाल और असम क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। स्काईमेट ने अगले 24 घंटे या 16 मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च से पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी, दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा 16 मार्च के बीच असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान ओलावृष्टि और वज्रपात संभव है, लिहाजा खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से परहेज करना होगा। आइये जानते हैं आने वाले दिनों में किस राज्य में कैसा मौसम रहने वाला है?
यूपी कल का मौसम रहेगा?
उत्तर प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। पश्चिमी यूपी में जहां गुरुवार को तेज ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई तो अन्य इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रही। होलिका दहन के दिन कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने अगले 24 घंटे के अंदर एक बार फिर बारिश की संभावना व्यक्त की है। आईएमडी ने बताया कि अगले 24 घंटे में कई जिलों में तेज गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान ओलावृष्टि के सात वज्रपात की संभावना है। हालांकि, बिहार में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है।
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तथा शुक्रवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटे के दौरान बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, तापमान में विशेष अंतर नजर नहीं आएगा।
दिल्ली में कितना प्रदूषण?
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार शाम छह बजे दिल्ली की एक्यूआई 170 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
राजस्थान में कल का मौसम?
राजस्थान के कई इलाकों में बारिश व बूंदाबांदी का अनुमान जताया है। इसके अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज बीकानेर व जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश-बूंदाबांदी की संभावना है। आईएमडी के जयपुर केंद्र अनुसार 14-15 मार्च को बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग तथा जैसलमेर, फलोदी, नागौर व आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद मेघ गर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसी तरह 16 मार्च को भी जयपुर व भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश व शेष अधिकांश भागों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने की संभावना है।
आगामी 48 घंटे में राज्य में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री गिर सकता है। इसके अलावा, 14 मार्च को बाड़मेर व आसपास के क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने के कारण ‘लू’ से राहत मिलने की संभावना है। सुबह तक 24 घंटे की अवधि में राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस दौरान राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक है।
कश्मीर में बर्फबारी
कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हिमपात हुआ, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई। उत्तरी कश्मीर के बारामूला स्थित गुलमर्ग, बांदीपोरा के गुरेज और कुछ अन्य स्थानों पर रातभर हिमपात हुआ जो सुबह तक जारी रहा। श्रीनगर सहित अधिकांश मैदानी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। गुरेज में भारी हिमपात और हिमस्खलन के खतरे के कारण अधिकारियों ने 15 मार्च तक स्कूल बंद करने का आदेश दिया है। इस बीच मौसम विभाग ने रविवार सुबह तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात का अनुमान जताया है। विभाग ने कहा कि इसके बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश में रविवार तक व्यापक पैमाने पर बारिश और हिमपात होने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का ‘येलो’ अलर्ट भी जारी किया है। रविवार को मंडी में भारी बारिश और शनिवार को लाहौल-स्पीति में भारी हिमपात होने की संभावना है। मनाली, नारकंडा, कुफरी, सोलांग वैली, सिस्सू और आसपास के क्षेत्रों में हल्के से मध्यम हिमपात और राज्य की राजधानी शिमला में बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी ने बताया कि रविवार तक किन्नौर और कांगड़ा, चंबा और कुल्लू जिलों के ऊंचे इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हिमपात होने की संभावना है। इसी अवधि के दौरान दस जिलों सिरमौर, शिमला, मंडी, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू में गरज और चमक के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लाहौल- स्पीति में स्थित ताबो रात के समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से नीचे 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, ऊना दिन के दौरान सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा।
झारखंड का मौसम
झारखंड में मौसम के तेवर तल्ख हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक राज्य के कई इलाकों में हीट वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। पलामू, गढ़वा, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों का अधिकतम तापमान इस दौरान 40 से 42 डिग्री तक जा सकता है। राज्य के पलामू में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री ज्यादा है। यहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले तीन दिनों में झारखंड के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है। इसके बाद तीन दिन तक इसमें किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। विभाग ने लोगों को हीट वेव से बचाव के लिए एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है। विभाग की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि 17 मार्च तक राज्य के दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी भागों में पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां और उत्तर-पश्चिमी हिस्से के गढ़वा और पलामू में उष्ण लहर चलने की संभावना है।
मार्च में कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी ने बताया कि 15 मार्च को हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ते तापमान के कारण लोग बीमार भी हो रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ में हो रही गड़बड़ी के चलते एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के बावजूद सुबह और शाम ठंडक का अहसास हो रहा है। आगामी बारिश के बाद नमी बढ़ेगी और सुबह-शाम ठंड और अधिक महसूस हो सकती है। लगातार बदलते इस मौसम के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को वायरल बुखार के साथ-साथ गले में इन्फेक्शन होने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| पटना | 22 डिग्री सेल्सियस | 33 डिग्री सेल्सियस |
| मुंबई | 26 डिग्री सेल्सियस | 36 डिग्री सेल्सियस |
| लखनऊ | 19 डिग्री सेल्सियस | 34 डिग्री सेल्सियस |
| शिमला | 6 डिग्री सेल्सियस | 19 डिग्री सेल्सियस |
| देहरादून | 13 डिग्री सेल्सियस | 27 डिग्री सेल्सियस |
| भोपाल | 21 डिग्री सेल्सियस | 34 डिग्री सेल्सियस |
| जयपुर | 20 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| हैदराबाद | 26 डिग्री सेल्सियस | 37 डिग्री सेल्सियस |
| चेन्नई | 27 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| कश्मीर | -2 डिग्री सेल्सियस | 4 डिग्री सेल्सियस |
कहां सबसे ज्यादा गर्मी?
दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम तक अभी से मार्च वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और गुजरात में गर्मी का प्रकोप शुरु हो गया है। कुल मिलाकर सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। उधर, केरल में भीषण गर्मी के मद्देनजर लू और सनबर्न का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सनबर्न क्या होता है
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
कोल्ड डे क्या है?
कश्मीर-हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोल्ड के जैसी स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है।
हीटवेव का अलर्ट जारी
देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
