कल का मौसम कैसा रहेगा : मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कई दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा, जिसके कारण देश के अधिकांश हिस्सों पर आंधी-बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। खासकर, उत्तर भारत में देर से पहुंचे मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में काले बादल छाए नजर आ रहे हैं और कहीं-कहीं पानी बरसने से मौसम काफी सुहावना हो गया है। हालांकि, तेज चिलचिलाती गर्मी से तो राहत है, लेकिन उमस परेशान कर रही है। उधर, पहाड़ों पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अगले कई दिनों तक मौसमी गतिविधियों के साथ लैंडस्लाइड का खतरा जताया गया है। स्काईमेट ने दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उधर, पूर्वोत्तर भारत में तेज वर्षा का अलर्ट है, जबकि पश्चिमी घाट समेत महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में झमाझम पानी बरसने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में 9 जुलाई तक बारिश अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में दो दिन से बादलों का डेरा है। समूचे एनसीआर के हिस्सों पर शनिवार को बारिश हुई, हालांकि लोग उमस भरे मौसम से परेशान रहे। आईएमडी ने गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश के लिए ’येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले कुछ घंटों के दौरान शहर के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं, गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में नौ जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने कहा कि आसमान में बादल छाए रहेंगे और इस दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ हल्की आंधी आ सकती है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कल से बारिश में और तेजी आने की उम्मीद है।
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान कई जगह मध्यम से भारी बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के राज्य के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। विभाग ने अगले पांच से सात दिनों के दौरान उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभागों में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान चलने एवं मध्यम से भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। आईएमडी का कहना है कि कोटा संभाग के जिलों में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अनुसार आगामी तीन-चार दिन में राज्य के शेष अधिकांश भागों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
यूपी में कम बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश में इस मौसम में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कारण बारिश की गतिविधियां हो रही हैं। हालांकि, 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य में शुक्रवार को 6.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 5.7 मिलीमीटर होती है। राज्य भर में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही। बदायूं में सबसे अधिक 38 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद चित्रकूट (30 मिमी), कानपुर शहर (27.3 मिमी), संभल (22.3 मिमी), फतेहपुर (21.6 मिमी), मेरठ (21.5 मिमी) और खीरी (20.8 मिमी) का स्थान रहा। ललितपुर, बांदा, कासगंज, बलरामपुर, हमीरपुर, बाराबंकी और सुल्तानपुर में भी मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, कई जिलों, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के बहराइच, बलिया, बस्ती, भदोही, देवरिया, गोंडा, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ और मिर्जापुर में दिन के दौरान कोई बारिश नहीं हुई। जुलाई के महीने में अधिक बारिश के चांस नहीं हैं। विभाग के अनुसार हालांकि, कुछ ज़िलों में मौसम के दौरान सामान्य से ज़्यादा बारिश हुई है। संभल में 192.3 मिलीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 109 प्रतिशत ज़्यादा है, जबकि एटा, बुलंदशहर, बदायूं, मेरठ और मुज़फ़्फ़रनगर में भी सामान्य से ज़्यादा बारिश हुई है। विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में, गोंडा एकमात्र ऐसा ज़िला है जहाँ मौसम के दौरान सामान्य से तीन प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी मॉनसूनी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भारी मॉनसूनी बारिश का अलर्ट जारी है। सिक्किम, त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मेघालय और नागालैंड में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। आईएमडी के मुताबिक, आईएमडी ने शनिवार को ओडिशा के पांच जिलों में भारी बारिश को लेकर ’रेड अलर्ट’ जारी किया है। चूंकि, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत हो गया है। यह चेतावनी कंधमाल, बौध, अंगुल, संबलपुर और सोनपुर जिलों के लिए जारी की गई है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र चार जुलाई 2026 को साढ़े आठ बजे से उसी क्षेत्र में बना हुआ है। इसके अगले तीन दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के बाकी 17 जिलों के लिए बारिश को लेकर ’येलो अलर्ट’ जारी किया है।
केरल में भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है। केरल के कई हिस्सों में शनिवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे कई नदियों और बांधों में जलस्तर बढ़ गया, निचले इलाकों में पानी भर गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हालात के मद्देनजर अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया और एहतियाती कदम उठाए हैं। पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई, जबकि अधिकारियों को सभी जरूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए। पत्तनमथिट्ठा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार तक तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
