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Delhi News: सिंधिया ने नारी सम्मान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का दिलाया संकल्प, ओम बिरला बोले- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा प्रकाश

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में उपस्थित जनसमुदाय से तीन संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने मातृत्व, प्रेम और भाईचारे का प्रचार-प्रसार करने, समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करने और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया और ओम बिरला ने किया डाक टिकट का विमोचन। (फोटो- @JM_Scindia)

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए मातृत्व, प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने, महिलाओं के सम्मान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए इन मूल्यों को जीवन में अपनाना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। वहीं,लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण की अलख जगा रहा है। संस्कार और मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से यह संस्था समाज में चेतना पैदा करने का काम कर रही है।

बता दें कि दोनों नेता नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉ. चिन्मय पंड्या भी मंच पर मौजूद रहे।

सिंधिया ने तीन संकल्पों का किया आह्वान

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में उपस्थित जनसमुदाय से तीन संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने मातृत्व, प्रेम और भाईचारे का प्रचार-प्रसार करने, समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करने और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में सिंधिया ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ युवाओं में आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने की जरूरत है।

ओम बिरला बोले- अंतिम व्यक्ति तक प्रकाश पहुंचने तक जलती रहेगी अखंड ज्योति

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था ने संस्कार निर्माण और मूल्यपरक शिक्षा के जरिए समाज में जागरूकता पैदा की है। व्यक्ति निर्माण से परिवार और परिवार से राष्ट्र निर्माण की इसकी सोच समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है। बिरला ने कहा कि यह अखंड ज्योति तब तक जलती रहेगी, जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रकाश नहीं पहुंच जाता।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में अशांति का माहौल है। ऐसे समय में गायत्री परिवार आध्यात्मिकता के माध्यम से शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। उनके मुताबिक, समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना शांतिपूर्ण और बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।

सौ वर्षों की साधना और समर्पण का प्रतीक है वर्ष 2026

इस दौरान डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्ष 2026 अखिल विश्व गायत्री परिवार के लिए केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि सौ वर्षों की साधना, त्याग और समर्पण का ऐतिहासिक पड़ाव है। यह वर्ष माता भगवती देवी शर्मा के जन्म, अखंड दीप के प्रज्वलन और युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष पूरे होने का अवसर है।

दो नवंबर को होगा महोत्सव का समापन

गौरतलब है कि जन्मशताब्दी महोत्सव के पहले दिन को मातृशक्ति और नारी जागरण के लिए समर्पित किया गया है। वहीं, महोत्सव का दूसरा दिन वसुधैव कुटुम्बकम और विश्व बंधुत्व को समर्पित होगा। इस दौरान सामूहिक दीपयज्ञ के माध्यम से विश्व शांति और सद्भाव का संकल्प लिया जाएगा। तीसरे दिन युग निर्माण के महासंकल्प के साथ दो नवंबर को महोत्सव का समापन होगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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