मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन लामबंद हो गया है। इस बाबत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शनिवार को विपक्ष की'मॉक संसद' हो रही है। इस दौरान,राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक संवैधानिक संस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने उस संस्था की जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली है। अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि कानूनी संरक्षण (इम्युनिटी)उन्हें बचा लेगा,तो उन्हें देश में हो रही घटनाओं पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों में धांधली जारी रखी जा सकती है और संस्थाओं को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं रहने वाली।
'अधिकारियों को मिली कानूनी छूट उन्हें हमेशा नहीं बचा पाएगी'
उन्होंने ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह अकेले नहीं हैं, बल्कि ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने भारत के लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया है। राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार और उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों को मिली कानूनी छूट उन्हें हमेशा नहीं बचा पाएगी। राहुल ने कहा कि हो सकता है कि मोदी जी और शाह जी सबसे ऊपर हों। हम उनसे भी निपट लेंगे, लेकिन आप उनके मोहरे हैं, इसलिए आप हमारा पहला निशाना हैं।
चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार, या उनके नीचे काम करने वाले पांच-सात लोग यह सोचते हैं कि उन्हें मिली छूट (इम्युनिटी) बचा लेगी, तो मैं उन्हें प्यार और स्नेह के साथ सलाह देना चाहूंगा कि वे देखें कि देश में क्या चल रहा है। कृपया बाहर के लोगों का मिज़ाज समझें। आप कल ही देख लेंगे। कल आप देखेंगे कि दिल्ली की सड़कों पर एक राजनीतिक हथियार सामने आने वाला है। एक एकजुट विपक्ष आपको दिखा देगा कि इस देश के लोगों का असल मिज़ाज क्या है। आप चुनावों में धांधली करते रह सकते हैं। आप CBI, ED और देश की हर एक संस्था को नियंत्रित कर सकते हैं और उनका दुरुपयोग होने दे सकते हैं। लेकिन हम आपको यकीन दिलाते हैं कि यह सब बस कुछ समय के लिए है।
'कोई भी व्यक्ति हमेशा किसी संवैधानिक संस्था की आड़ में नहीं छिप सकता'
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर सभी तथ्य सामने आने के बाद भी BJP उन्हें पद पर बनाए रखती है तो इससे पार्टी की मंशा स्पष्ट हो जाएगी। राहुल ने यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले को केवल ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन सभी लोगों की जवाबदेही तय करेगा जिन्होंने कथित तौर पर देश के लोगों के वोट को प्रभावित करने की साजिश रची है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति हमेशा किसी संवैधानिक संस्था की आड़ में नहीं छिप सकता। आज नहीं तो कल उसे देश की जनता के प्रतिनिधियों के सामने जवाब देना होगा।
'13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, हर सातवां मतदाता प्रभावित'
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, इसका मतलब है कि हर सात भारतीयों में से एक और देश के कुल मतदाताओं में करीब 15 प्रतिशत के नाम हटाए गए।'2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था'
राहुल ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के संदर्भ में इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष और चुनाव जीतने वालों के बीच वोटों का अंतर करीब तीन प्रतिशत था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया जा रहा है, तो चुनावी नतीजों की विश्वसनीयता पर सवाल क्यों नहीं उठेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के आंकड़े ही यह साबित करते हैं कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था और BJP के जो सांसद चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, वे भी अवैध तरीके से वहां पहुंचे। हालांकि, यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है, इसे किसी न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
