परवीन बाबी का नाम आते ही बॉलीवुड का एक खूबसूरत और मुस्कुराता हुआ चेहरा आंखों के सामने तैरने लगता है। जी हां, बात मशहूर अभिनेत्री रहीं परवीन बाबी से ही जुड़ी है। गुजरात के जूनागढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो स्वर्गीय परवीन बॉबी से जुड़ा है। जूनागढ़ के दीवान चौक इलाके में मौजूद परवीन बाबी के पारिवारिक महल के कुछ हिस्सों को आंशिक रूप से तोड़ दिया गया है। पुलिस और प्रशासन को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला -
जैसा कि हमने ऊपर बताया जूनागढ़ के दीवान चौक इलाके में परवीन बाबी का पारिवारिक महल है। यह महल बाबी वंश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। अचानक हुए इस डिमोलिशन ने न सिर्फ बाबी परिवार के वारसदारों को हैरान कर दिया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
नवाब के दीवान थे परवीन बाबी के पिता
ज्ञात हो कि परवीन बाबी जूनागढ़ के प्रसिद्ध बाबी वंश की वारसदार थीं। उनके पिता जूनागढ़ नवाब के दरबार में दीवान के पद पर थे। दीवान चौक स्थित यह भव्य महलनुमा संपत्ति काफी पुरानी है। समय के साथ यह इमारत कुछ हद तक जर्जर जरूर हुई है, लेकिन आज भी मजबूती से खड़ी है और यहां से गुजरने वाले हर शख्स को चुपके से अपने गौरवशाली इतिहास की कहानी बयां कर देती है।
अज्ञात लोगों ने की तोड़फोड़
बताया जा रहा है कि पिछले तीन-चार दिनों के भीतर ही किसी अज्ञात व्यक्ति या पक्ष ने महल के कुछ हिस्सों को तोड़ने की शरारत की है। यह कार्रवाई किसने और क्यों की, इसको लेकर अभी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है कि इस डेमोलिशन के संबंध में न तो स्थानीय पुलिस को कोई ठोस जानकारी है और न ही महानगरपालिका यानी मनपा ही किसी अनुमति या कार्रवाई को लेकर पुष्टि कर पा रही है।
परवीन बाबी के निधन के बाद संपत्ति विवाद
गौरतलब है कि मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी के निधन के बाद उनकी जूनागढ़ स्थित संपत्तियों को लेकर अदालत में तीन अलग-अलग मामले पहले से ही लंबित हैं। कानूनी विवाद के बीच महल के हिस्सों का तोड़ा जाना कई तरह की शंकाओं को भी जन्म दे रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई किसी संपत्ति विवाद से जुड़ी है या फिर इसके पीछे कोई और मंशा छिपी हुई है।
बाबी वंश के वारसदारों ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि वे महल को लेकर अपने मालिकाना हक से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ कानूनी कार्रवाई करेंगे। ऐतिहासिक महत्व वाली इस संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे कौन जिम्मेदार है, यह पता लगाना अब पुलिस और प्रशासन का काम है।
