Jharkhand Lightning Strike: झारखंड के दो जिलों में एक दिन पहले आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वाले चार लोगों में से तीन हजारीबाग जिले से थे और एक व्यक्ति चतरा जिले से था। उन्होंने बताया कि हजारीबाग में बृहस्पतिवार को कटकमसांडी थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक दंपत्ति की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि उसी दिन बरकठा थाना क्षेत्र के चौथा गांव में एक और महिला की मौत हो गई।
इस तरह से हुई है मृतकों की पहचान
हजारीबाग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) (मुख्यालय) ज्ञान रंजन ने बताया कि इस घटना में मारे गए दंपत्ति की पहचान वासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलिया देवी (48) के तौर पर हुई है। यह घटना उस वक्त हुई जब वे धान के खेत में काम कर रहे थे। बरकठा थाना के प्रभारी अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि चौथा गांव में मरने वाली महिला की पहचान बसवा देवी (50) के तौर पर हुई है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चतरा में पिपरवार थाना क्षेत्र में कल्याणपुर बाजार से हफुआ जाते समय बिजली गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पिपरवार थाना के प्रभारी अधिकारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि इस घटना में मारे गए युवक की पहचान हफुआ गांव के रहने वाले पवन कुमार महतो के तौर पर हुई है।
कैसा रहेगा मौसम का हाल?
वहीं बात अगर मौसम की करें तो झारखंड में 8 और 9 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। 8 अगस्त के आसपास मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं, ऐसे में झारखंड के कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
9 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
9 अगस्त को भी झारखंड में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। आईएमडी के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधि बनी रह सकती है और कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था रखने और जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने से फसलों को बचाने की सलाह दी गई है। साथ ही, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी होगा।
