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नई पीढ़ी 'गटर जेनरेशन'...Gen Z पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कंगना की बढ़ी मुश्किलें! स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार की याचिका

भाजपा सांसद कंगना रनौत की ‘गटर जेनरेशन’ टिप्पणी विवादों के घेरे में है। जंतर-मंतर पर छात्रों, उनके माता-पिता और जेन-जी को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान के मामले में आगरा की विशेष अदालत ने याचिका स्वीकार की है। मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।

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भाजपा सांसद कंगना रनौत (फोटो-Twitter)

आगरा : जंतर-मंतर में छात्रों के आंदोलन के लेकर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की ‘गटर जेनरेशन’ वाली टिप्पणी अब कानूनी विवाद में पहुंच गई है। आगरा की एक विशेष सांसद/विधायक अदालत (MP/MLA) ने कंगना रनोट के खिलाफ दायर याचिका स्वीकार कर ली है। यह याचिका जंतर-मंतर पर प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, उनके माता-पिता और ‘जेन-जी’ को लेकर कंगना की कथित टिप्पणियों के संबंध में दायर की गई है। मामले में सुनवाई 21 अगस्त को होगी।

‘नई पीढ़ी’ को बताया था ‘गटर जेनरेशन’

दरअसल, जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान कंगना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी में नई पीढ़ी की कुछ भारतीय महिलाओं की जीवनशैली पर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा कि तथाकथित पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है और वह इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं।

कंगना के मुताबिक, ये महिलाएं स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक रूप से स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसले खुद लेती हैं, परंपराओं से अलग रास्ता चुनती हैं और अपने फैसलों की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं।

महिलाओं का किया था अपमान

कंगना ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि इस कथित ‘गटर जेनरेशन’ की कुछ महिलाएं नशे, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी मानती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहते हुए स्वतंत्र जीवन जीने का दावा करते हैं। कंगना ने स्वतंत्रता को जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि आजाद जीवन कमाना पड़ता है और बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करने वाले लोग ‘गटर छाप’ हैं।

‘जेन-जी’ वाली टिप्पणी पर कोर्ट पहुंचा मामला

आगरा में याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता और याचिकाकर्ता रमाशंकर शर्मा के अनुसार, मामला केवल महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जब छात्र प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे, उस दौरान कंगना ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और ‘जेन-जी’ को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। अधिवक्ता के मुताबिक, इन्हीं कथित टिप्पणियों को लेकर सांसद/विधायक अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि उस दिन मामले में दलीलें सुने जाने की उम्मीद है, जिसके बाद अदालत आगे का फैसला कर सकती है। अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने यह भी कहा है कि यदि आगरा की अदालत याचिका खारिज करती है तो वह पुनरीक्षण याचिका के जरिए सत्र अदालत का रुख करेंगे। जरूरत पड़ने पर वह ‘जेन-जी’ के खिलाफ कथित टिप्पणियों के मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात भी कह चुके हैं।

इस तरह कंगना रनौत की सोशल मीडिया पर की गई तीखी टिप्पणी अब अदालत की चौखट तक पहुंच गई है। हालांकि, कंगना की ओर से इन आरोपों पर क्या कानूनी जवाब दिया जाएगा, यह अगली सुनवाई में स्पष्ट होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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