जयपुर: हेरिटेज होटल कानोता कैसल में गुरुवार सुबह एक तेंदुआ घुस गया। इस दौरान वहां मौजूद टूरिस्ट होटल छोड़कर बाहर भाग निकले। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को कैद किया जा सका। तेंदुए के होने का अहसास तब हुआ जब सुबह होटल में मौजूद कुत्ते अचानक भौंकने लगे। होटल स्टाफ ने कुत्तों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह रुके नहीं। इस दौरान वहां मौजूद एक पर्यटक ने तेंदुए को देखा और होटल स्टाफ को इसकी जानकारी दी। इसके बाद होटल के मालिक मानसिंह ने वन विभाग की टीम को 10 बजे इसकी जानकारी दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान टूरिस्ट होटल छोड़कर बाहर निकल गए लेपर्ड होटल स्टाफ के कमरे में घुस गया, इसके बाद वह मौजूद कुछ लोगों ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान परेशान तेंदुए ने कमरे में पूरा सामान बिखेर दिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लेपर्ड को शांत किया और होटल स्टाफ को और टूरिस्टों ने राहत की सांस ली।
आमागढ़ और गलता के जंगल से आते हैं जीव
बस्सी रेंजर पृथ्वीराज मीणा ने बताया कि सुबह हमारे पास होटल में तेंदुआ घुसने की सूचना आई थी। इसके बाद हमारी टीम और जयपुर चिड़ियाघर की टीम मौके पर पहुंची। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की जनहानी नहीं हुई है। फिलहाल, लेपर्ड को नारगढ़ रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एक बार फिर से जंगल में छोड़ दिया जाएगा। बस्सी रेंजर ने बताया कि कानोता इलाके के आसपास बड़ी संख्या में वन्य जीवों की आवाजवाही है। पास में ही आमागढ़ और गलता का जंगल है, जहां से भोजन की तलाश में कई बार तेंदुए और अन्य जीव इस इलाके में पहुंच जाते हैं। ऐसे में यह तेंदुआ भी भोजन या पानी की तलाश में यहां आया होगा, लेकिन कुत्तों के भौंकने से डर से वह पहली मंजिल पर पहुंच गया। ऊपर स्टाफ रूम खुला देख वह उसमें घुस गया।
