जयपुर

Jaipur: क्या करें साहब... IPL चल रहा है, इसलिए स्विमिंग पूल चालू नहीं हो पाया

Jaipur News: जयपुर के स्पोर्ट्स काउंसिल का स्विमिंग पूल अभी तक तैयार नहीं हुआ है। आमतौर पर ये पूल अप्रैल में शुरू हो जाता था। लेकिन इस साल स्पोर्ट्स काउंसिल इसे तैयार करना भूल गई है। भूलने की वजहा आपको भी हैरान कर देगी।

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जयपुर स्पोर्ट्स काउंसिल स्विमिंग पूल तैयार करना भूला

Photo : iStock

Jaipur News: जयपुर के स्पोर्ट्स काउंसिल में चलने वाला स्विमिंग पूल आमतौर पर अप्रैल में शुरू किया जाता है और सितंबर तक बिगनर्स खिलाड़ी यहां तैयारी के लिए आते हैं। यहां इतनी भीड़ लगती है कि कई खिलाड़ी तो ऐसे होते हैं, जिन्हें तैयारी के लिए स्लॉट भी नहीं मिल पाता। लेकिन इस साल अभी तक ये पूल तैयार नहीं किया गया है, जिसके चलते खिलाड़ियों को यहां केवल एक महीने की तैयारी करने का मौका मिलेगा। क्योंकि पूल तैयार नहीं है। बता दें कि स्पोर्ट्स काउंसिल पूल तैयार करना भूल गई है। इसे भूलने की वजह इससे भी अधिक हैरान करने वाली है। आइए आपको बताएं...

इस कारण से पूल तैयार करना भूला स्पोर्ट्स काउंसिल

जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स काउंसिल में स्थित स्विमिंग पूल अप्रैल की शुरुआत होते ही खुल जाता है। लेकिन इस साल ये पूल अभी तक नहीं खुला। बताया जा रहा है कि इस साल स्विमिंग पूल मई के अंत या जून की शुरुआत में ही खुल पाएगा। लेकिन इसका कारण सुन आप हैरान हो जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स काउंसिल IPL के चलते पूल को तैयार करना भूल गई थी। इसकी तह तक जाने पर जानकारी मिली कि स्पोर्ट्स काउंसिल के जिन अधिकारियों पर पूल को तैयार करने की जिम्मेदारी है वह रिटायर्ड होने वाले हैं। लेकिन सवाल ये है कि रिटायर्ड अधिकारियों की जगह नए अधिकारियों की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।

नही मिलेगा अनुभवी कोच

शहर के इकलौते सरकारी पुल के शुरू न होने पर और निजी पुल के शुरू होने पर सभी अनुभवी कोच निजी पूलों की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। ऐसे में कोच मिलने की संभावना भी कम है। जहां इस पूल में तैयारी करवाने के लिए मात्र 1000 रुपये लिए जाते हैं, वहीं निजी स्विमिंग पूल में तैयारी के लिए 30 हजार रुपये लिए जाते हैं। ऐसे में कई खिलाड़ी हैं, जो पैसों की कमी के कारण तैयारी नहीं कर पाएंगे।

पूल को तैयार करने के लिए मिलाता है 6 महीने का समय

जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स काउंसिल को पूल तैयार करने के लिए 6 महीने का समय मिलता है। बता दें कि ये तब का समय होता है जब स्विमिंग पूल बंद होता है। यानी अक्टूबर से मार्च का समय। इसे तैयार करना तो दूर इस पूल में पिछले साल या फिर बारिश का पानी अभी तक भरा हुआ है, उसे तक निकाला नहीं गया है।

दस शिफ्ट में 500 से अधिक खिलाड़ी करते हैं तैयारी

स्पोर्ट्स काउंसिल के इस सरकारी पूल में सुबह और शाम में 5-5 यानी कुल 10 शिफ्ट होती है। पूरे दिन में 500 से अधिक खिलाड़ी तैयारी करते हैं। हर शिफ्ट में तैराकों की संख्या 50 होती है। वहीं अगर पीक टाइमिंग है तो ये संख्या बढ़कर 70 तक चली जाती है। इससे स्पोर्ट्स काउंसिल की 50 लाख रुपये तक की आमदनी होती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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