Vande Bharat Maintenance Depot: देश की सबसे खास ट्रेनों में से एक वंदे भारत की लगातार बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इसके लिए खास मेंटेनेंस डिपो बनाए जा रहे हैं, जहां इन ट्रेनों का रखरखाव होगा। ऐसी पांच जगहे हैं जहां वंदे भारत के लिए ये सुविधा तैयार की जा रही है, लेकिन ये करने वाला पहला शहर जोधपुर होगा। जोधपुर रेलवे मंडल देश का पहला वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस डिपो स्थापित किया जाएगा। जोधपुर डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में यह जानकारी दी।
इसी साल होगा तैयार
DRM ने बताया कि यह डिपो भगत की कोठी में 167 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह 600 मीटर के क्षेत्र में फैला होगा और इसमें तीन रेल लाइनें होंगी, जिससे एक साथ तीन वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव संभव होगा। यह डिपो इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा और पूरे देश की वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव का केंद्र बनेगा।
जोधपुर में बनेगा पहला डिपो
वंदे भारत भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है और इसकी संख्या देशभर में बढ़ रही है। अभी तक इनका रखरखाव पुराने डिपो में ही हो रहा है, लेकिन जोधपुर में बन रहा यह विशेष डिपो अव्यवस्थाओं को दूर करेगा। यह अपने आप में अनूठा है और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। देश में चार और वंदे भारत डिपो भी बनाए जा रहे हैं, लेकिन जोधपुर का डिपो सबसे पहले तैयार होगा।
वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर भी बनेगा
DRM त्रिपाठी ने जानाकारी दी कि इस परियोजना के साथ-साथ, 200 करोड़ रुपये की लागत से एक नया वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। इस वर्कशॉप का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है और जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। यह वर्कशॉप डिपो के पास ही होगा, जहां कर्मचारियों को वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
रोजगार के बढ़ेंगे मौके
नए डिपो और वर्कशॉप के लिए कर्मचारियों की भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह न केवल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि वंदे भारत ट्रेनों की सेवा गुणवत्ता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। आधुनिक तकनीकों से युक्त यह डिपो ट्रेनों के रखरखाव को और कुशल बनाएगा। इस परियोजना से जोधपुर रेलवे मंडल का महत्व बढ़ेगा और यह देश की रेल सेवाओं में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
(इनपुट-आईएएनएस)
