मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए की जा रही है।
मालवाहक जहाज को हुआ नुकसान
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमला किया। जिसमें जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता बताया जा रहा है।
ईरान ने जलडमरूमध्य बंद करने का किया दावा
ईरानी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने एक ऐसे जहाज पर चेतावनी के रूप में कार्रवाई की जो कथित तौर पर "अनधिकृत मार्ग" (अवैध रूट) से गुजर रहा था। इसके बाद ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगली सूचना तक पूरी तरह बंद रहेगा। ईरान का कहना है कि जब तक यहां अमेरिकी हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक यह मार्ग बंद रहेगा।
बता दें कि युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस हार्मुज जलडमरूमद्ध के रास्ते से गुजरता था। ईरान अब इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर अपना नियंत्रण चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने की मांग कर रहा है।
अमेरिका ने शुरू किए नए हमले
CENTCOM ने कहा कि जहाज पर हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनसे वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना सकता है।
बातचीत पर भी बना हुआ है जोर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद दोनों देशों में बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ओमान में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच समुद्री सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है। ओमान ने कहा है कि तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर वार्ता आगे भी जारी रहेगी।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर अंतरिम समझौता तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात से जुड़ी रियायतें समाप्त कर समझौते की भावना के खिलाफ कदम उठाया है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर की धमकी
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद, उनके बेटे और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर दिए संदेश में कसम खाई कि ईरानी लोग अपने दिवंगत नेता की हत्या का बदला जरूर लेंगे और यह हमारे राष्ट्र की इच्छा है। अयातुल्ला अली खामनेई 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में मारे गए थे।
ट्रंप की चेतावनी "1000 मिसाइलें दागने के लिए तैयार"
ईरान की तरफ से मिल रही धमकियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की हजारों मिसाइलें पहले से ही ईरान को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत और मिसाइलें दागी जाएंगी। अगर ईरान ने कोई भी हिमाकत की, तो अंजाम विनाशकारी होगा।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें "हत्या करने या हत्या की कोशिश" की धमकियां मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ लोगों ने ऐसे पोस्टर और बैनर लहराए, जिनमें ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की मांग की गई थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ईरान के साथ बातचीत और समझौते की दिशा में वार्ता जारी रखेगा।
क्षेत्र में तनाव: अरब देशों ने भी किया हमला?
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के अंदर कुछ कट्टरपंथी गुट (Rogue Faction) जानबूझकर इस सीजफायर को नाकाम करने के लिए जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इस बीच, गुरुवार और शुक्रवार को ईरान में कुछ अज्ञात हवाई हमले भी हुए हैं। हालांकि इजरायल ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि खाड़ी के अरब देशों ने ईरान को रोकने के लिए ये हमले किए हैं। ईरान ने इसके जवाब में बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और कतर को निशाना बनाया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में हुए हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं और 115 घायल हुए हैं।
