जयपुर

'पाक' को देता था जानकारी? संदिग्ध कॉल्स की पुष्टि, जासूसी के शक में हिरासत में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर

राजस्थान के जैसलमेर पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज स्थित डीआरडीओ गेस्ट हाउस के मैनेजर को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि उसने पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी मोबाइल के जरिए साझा की। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के दौरान उसके मोबाइल पर पाकिस्तान से संदिग्ध कॉल्स आने की पुष्टि हुई।

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(प्रतिकात्मक फोटो-Istock)

Photo : Times Now Digital

जैसलमेर : जिले में स्थित भारत के सबसे संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों में से एक पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में DRDO गेस्ट हाउस के मैनेजर महेंद्र प्रसाद को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का निवासी है और साल 2018 से इस अति-संवेदनशील क्षेत्र में तैनात था, जहां शीर्ष DRDO वैज्ञानिक और रक्षा अधिकारी अक्सर ठहरते थे। पोकरण रेंज भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है, जहां भारत ने अपने परमाणु परीक्षण किए थे और आज भी अत्याधुनिक हथियारों के परीक्षण यहीं होते हैं।

पाकिस्तान से आई संदिग्ध कॉल

महेंद्र पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी मोबाइल के माध्यम से साझा की। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के दौरान उसके मोबाइल पर पाकिस्तान से संदिग्ध कॉल्स आने की पुष्टि हुई। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि 2020 में उसे एक कॉल आई थी, जिसके बाद उसने कुछ जानकारियां एक पर्ची के जरिए साझा की थीं।

जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि आरोपी को जॉइंट इंटेरोगेशन कमेटी (JIC) को सौंपा जाएगा, जिसमें RAW, IB, मिलिट्री इंटेलिजेंस और ATS जैसी केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त पूछताछ करेंगी। आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया गया है, जिसमें से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।

राजस्थान की 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान के साथ है, जो देश में सबसे अधिक है। यही वजह है कि सीमावर्ती जिलों जैसे जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर में जासूसी के मामलों की पुनरावृत्ति होती रहती है। इस गिरफ्तारी से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि ISI का जाल बहुत गहराई तक फैला हुआ है, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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