देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) के खुलने का सभी को बड़ी बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, इस एक्सप्रेसवे का काफी बड़ा हिस्सा आम जनता के लिए खोला जा चुका है। लेकिन अब भी दिल्ली से मुंबई तक सीधे जाने के लिए आपको अगले साल तक इंतजार करना होगा। अभी आप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करके कोटा तक भी नहीं जा सकते। लेकिन खबर है कि अब दिवाली के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके आप दिल्ली से सीधा कोटा तक जा पाएंगे। चलिए जानते हैं इस बारे में पूरा अपडेट -
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इसी साल दिवाली के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कोटा-दिल्ली खंड को आम जनता के लिए खोलने की संभावना जता रही है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे परियोजना 2019 में शुरू हुई थी और इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन अब इसका पूरा होने की समय-सीमा 2026 तक बढ़ा दी गई है। मुंबई तक का सीधा लिंक अगले साल के अंत तक खुलने की उम्मीद है।
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में टनल निर्माण में देरी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में देरी का मुख्य कारण मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 4.9 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण है। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार इस टनल का काम फरवरी 2026 के बाद शुरू किया जाएगा। NHAI के एक अधिकारी ने बताया, 'पैकेज 10, जो 26.5 किलोमीटर लंबा है, इसका काम फिलहाल चल रहा है जो 95 फीसद तक पूरा भी हो चुका है। इस हिस्से पर सिर्फ फिनिशिंग टच ही बाकी है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यह खंड समय पर पूरा हो।'
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कोटा-दिल्ली यात्रा में क्या है परेशानी
वर्तमान में, कोटा से दिल्ली यात्रा करने वाली गाड़ियां एक्सप्रेसवे से बाहर निकलकर 60 किलोमीटर दो-लेन वाले हाईवे पर यात्रा करती हैं और फिर सवाई माधोपुर के पास फिर से एक्सप्रेसवे से जुड़ते हैं। इस वजह से अक्सर जाम की समस्या होती है और यात्रियों को देरी का सामना भी करना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, 'कोटा-दिल्ली खंड दिवाली के बाद शुरू होगा, जिससे यातायात सुचारू होगा।'
हाई-टेंशन वायर और मौसम भी बने विलेन
परियोजना में देरी का एक और कारण बारान जिले के अंता से जयपुर के फागी तक 765-केवी डबल सर्किट बिजली लाइन का रिलोकेशन भी है। यह लाइन एक्सप्रेसवे को तीन किलोमीटर में दो स्थानों पर काटती है। अधिकारी ने कहा, 'इन हाई-टेंशन लाइनों को रिलोकेट करने के लिए सावधानी और शेड्यूल शटडाउन की आवश्यकता है, जिससे हमारी टाइमलाइन प्रभावित हुई।' इसके अलावा, जुलाई और अगस्त की भारी बारिश ने भी निर्माण कार्य में बाधा डाली, जिससे सामग्री पहुंचने में भी देरी हुई।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा ऑडिट के बाद एक्सप्रेसवे के आठ लेन में से पहले चार लेन आम जनता के लिए खोले जाएंगे। इससे यातायात सुगमता बढ़ेगी और कोटा से दिल्ली की यात्रा में समय की बचत होगी।
