जयपुर

भीलवाड़ा में नवरात्रि गरबा महोत्सव की तैयारियां शुरू, पंडालों में प्रवेश के लिए लागू हुए नए नियम

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में गरबा और डांडिया महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पंडालों में प्रवेश के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिसमें केवल आधार कार्ड और तिलक वाले लोग ही शामिल हो सकेंगे। महिलाओं के लिए पारंपरिक ड्रेस कोड और धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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भीलवाड़ा नवरात्रि गरबा महोत्सव (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Bhilwara Garba 2025: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही देशभर में गरबा और डांडिया की धूम शुरू हो गई है। राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में इस बार गरबा महोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां आयोजित होने वाले पंडालों में प्रवेश के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक इस बार केवल वही लोग पंडाल में प्रवेश कर सकेंगे, जिनके पास आधार कार्ड होगा और प्रवेश द्वार पर तिलक लगाने के बाद ही एंट्री मिलेगी।

दूसरे समुदाय के लोगों की एंट्री बैन

गरबा समितियों ने इस बार विशेष निर्णय लेते हुए पंडालों में दूसरे समुदाय के लोगों की एंट्री पूरी तरह से बैन कर दी है। आयोजकों का कहना है कि गरबा महोत्सव एक पारंपरिक और धार्मिक आयोजन है, जिसमें केवल हिंदू समाज के लोग ही शामिल हो सकेंगे। इसके लिए पंडालों के बाहर बैनर लगाए जाएंगे, जिनमें साफ लिखा होगा कि बिना आधार कार्ड और तिलक के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

महिलाओं के लिए ड्रेस कोड लागू

गरबा समितियों ने महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि वे पंडालों में पारंपरिक परिधान पहनकर आएं। आयोजकों का कहना है कि नवरात्रि देवी आराधना का पर्व है और इसमें शालीनता बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए महिलाओं को जींस-टीशर्ट या शॉर्ट टॉप की बजाय साड़ी, सलवार-कुर्ता या अन्य पारंपरिक परिधान पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। समिति की महिला सदस्य और पूर्व पार्षद खुशबू शुक्ला ने बताया कि लगातार महिला समूहों से संपर्क कर अपील की जा रही है।

गंगाजल और गोमूत्र से होगा पंडाल शुद्धिकरण

आयोजन समितियों ने इस बार धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है। पंडालों में गरबा शुरू होने से पहले गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इससे वातावरण पवित्र होगा और मां दुर्गा की उपासना अधिक भक्ति भाव से हो सकेगी।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक तैनात

गरबा महोत्सव स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी इस बार कड़ी की गई है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता प्रवेश द्वार पर मौजूद रहेंगे। वे आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड चेक करेंगे और तिलक लगाकर उनका स्वागत करेंगे। बजरंग दल के सह विभाग संयोजक आशीष दाधीच ने कहा कि यह कदम ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। उनका दावा है कि कई बार दूसरे समुदाय के लोग गरबा पंडालों का गलत मकसद से इस्तेमाल करते हैं।

शहरभर में 60 से अधिक आयोजन

भीलवाड़ा शहर में इस बार 60 से ज्यादा स्थानों पर गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, 12 से अधिक जगहों पर डांडिया वर्कशॉप भी आयोजित की गई है। सभी स्थानों पर एक जैसे नियम लागू किए गए हैं। आयोजन समितियों का कहना है कि यह परंपरा और आस्था से जुड़ा उत्सव है, जिसे किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचाने के लिए नियम बनाए गए हैं।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने की सराहना

पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र हाड़ा ने कहा कि हिंदू संगठनों और समितियों ने जो कदम उठाए हैं, वह सराहनीय है। करीब 15 दिन पहले से इन तैयारियों की सूचना मिलने पर पूरी व्यवस्था की गई है। अब गरबा पंडालों के बाहर नियमों का बैनर लगाया जाएगा और सभी प्रतिभागियों से सहयोग की अपील की जाएगी।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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