कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में हुई हिंसा को लेकर शुक्रवार को पुलिस में शिकायतें दर्ज कराईं। अधिकारियों ने बताया कि एक शिकायत मध्यरात्रि को परिसर में भीड़ के घुसने, मुख्य द्वार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने, तोरणों में आग लगाने और कुछ छात्रों को एक इमारत के अंदर बंद कर देने के मामले में दर्ज कराई गई है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत में जांच की मांग की गई है और पुलिस से परिसर में ऐसी घटनाओं को रोकने का अनुरोध किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने संवाददाताओं को बताया कि संस्थान ने 19 अगस्त की मध्यरात्रि को परिसर में एक समूह के प्रवेश करने और उसके बाद दो विरासत प्रतीकों को नुकसान सहित अन्य घटनाक्रमों व परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
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भट्टाचार्य ने बताया कि यह समिति अपनी सिफारिशें पुलिस को सौंपेगी। उन्होंने कहा कि अन्य शिकायत विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार पर चढ़ने, मशहूर चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा बनाए गए विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक प्रतीक को नुकसान पहुंचाने और पत्थर एवं पानी की बोतलें फेंकने के मामले में दर्ज कराई गई है।
झड़प में कई छात्र घायल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी झुकाव वाले छात्र समूहों के सदस्यों के बीच बृहस्पतिवार सुबह विश्वविद्यालय परिसर में झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी लोगों को परिसर में लाने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प में कई छात्र घायल हो गए और उनमें से कुछ को अस्पताल ले जाया गया। साथ ही, दक्षिण कोलकाता स्थित मुख्य परिसर में कई जगहों पर आग भी लगाई गई।
यह टकराव बुधवार को ’फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन’ (एफईटीएसयू) की एक बैठक को लेकर शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में कथित तोड़फोड़ और जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के प्रतीक चिह्न को पहुंचाए गए नुकसान के विरोध में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डीएसओ जैसे वामपंथी छात्र संगठनों ने शुक्रवार को संयुक्त विरोध मार्च निकाला।
अधिकारियों ने बताया कि नारे लगाते हुए लगभग 2,000 छात्रों ने एस. सी. मलिक रोड पर मार्च किया, जिससे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, परिसर में पिछले दो दिन के घटनाक्रम के विरोध में यादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जूटा) ने आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया। इस बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी कॉलेज स्ट्रीट इलाके में प्रदर्शन किया।
