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करो योग रहो निरोग! International Yoga Day पर बाबा रामदेव ने बच्चों संग किया योग

International Yoga Day: आज दुनियाभर में 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर उत्तराखंड के हरिद्वार में योग गुरू बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ योग किया। इस दौरान बच्चों सते कई अन्य लोगों ने भी उनके साथ योग किया।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (फोटो साभार - ANI)

International Yoga Day: आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ उत्तराखंड के हरिद्वार में योग किया। इस कार्यक्रम में बच्चे और कई अन्य लोग भी शामिल हुए और बाबा रामदेव के साथ उन्होंने योग किया। योग दिवस के मौके पर देशभर में कई योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें सभी लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।

इस साल योग दिवस की थीम

दुनियाभर में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग मनाया जाता है। 21 जून 2015 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। इस साल विश्वभर में दसवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग दिवस के दिन पूरे विश्व में योग और ध्यान पर जोर दिया जाता है। योग दिवस पर हर साल अलग थीम तय की जाती है। इस साल 2024 की योग थीम है - 'स्वयं और समाज के लिए योग' (Yoga for Self and Society)। योग दिवस को मनाने का उद्देश्‍य योग के जरिए लोगों को स्‍वस्‍थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरुक करना है।

21 जून को ही क्यों मनाते हैं योग दिवस

योग दिवस को 21 जून के दिन ही मनाने के पीछे वजह ये है कि 21 जून का दिन साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है। इसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में यह साल का सबसे लंबा दिन होता है। इस दिन के बाद सूर्य दक्षिणायन में प्रवेश कर जाता है। 21 जून के दिन को योग और अध्यात्म के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी वजह से कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया। योग के निरंतर अभ्यास से लोगों को रोगों से मुक्ति मिलती है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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