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बेशर्मी की हद! इंदौर में 'जहरीला पानी' पीने से बीमार हो रहे लोग, प्रशासन के लोग पी रहे बोतल बंद पानी, Video

लोगों का कहना है कि भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या एकदम से पैदा नहीं हुई। यहां बीते कई महीनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी। स्थानीय लोग इसकी शिकायत भी कर रहे थे लेकिन नगर निगम उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा था। नारियलपुरा के दो सौ ढाई सौ घरों में सीवर का पानी भरा हुआ है।

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इंदौर में डरे हुए हैं लोग, उबालकर पी रहे पानी।

Indore water tragedy : इंदौर के भागीरथपुरा में लोगों की दुश्वारियां कम होती नहीं दिख रही हैं। 'जहरीला पानी' पीने से हुई मौतों के बाद यहां के लोग डरे हुए हैं और पानी उबाल कर पी रहे हैं। यहां हर घर के बाहर पानी गर्म करते हुए लोग नजर आ रहे हैं। दरअसल, कॉलोनी में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत लोग लंबे समय से करते आ रहे थे लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उनकी शिकायतें नहीं सुनीं। 'सीवर युक्त पानी' पीने के बाद जब लोगों की मौत हुई तो प्रशासन हरकत में तो जरूर आया लेकिन यहां उसकी 'बेशर्मी' भी दिखी। यहां लोगों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है लेकिन प्रशासन के अधिकारियों को पीने के लिए बोतल बंद पानी बांटा जा रहा है। कुछ लोग पानी खरीदकर भी पी रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भले ही जिम्मेदार एवं दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही है लेकिन हादसे के बाद ग्राउंड पर लोगों को जिस तरह की सहूलियतें मिलनी चाहिए वे नहीं मिल रही हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की टीम जब वहां पहुंची तो प्रशासन की बदइंतजामी देखकर दंग रह गई।

कई महीनों से हो रही थी गंदे पानी की आपूर्ति

लोगों का कहना है कि भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या एकदम से पैदा नहीं हुई। यहां बीते कई महीनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी। स्थानीय लोग इसकी शिकायत भी कर रहे थे लेकिन नगर निगम उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा था। नारियलपुरा के दो सौ ढाई सौ घरों में सीवर का पानी भरा हुआ है। लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी से आने वाले पानी को पहले वे सीधे पीते थे लेकिन अब उस पानी को पीने से उन्हें डर लगता है। लोगों का कहना है कि पानी का कनेक्शन सुधारने के नाम पर उनसे पैसा वसूला जा रहा है।

पार्षद ने नहीं सुनी लोगों की शिकायत

कॉलोनी के एक व्यक्ति ने बताया कि वे लोग पार्षद कमल बाघेला से गंदे पानी की शिकायत करते थे लेकिन पार्षद उनसे सीधे मुंह बात नहीं करते थे। यह भी देखने में आया कि सीवर की क्षतिग्रस्त लाइन और नर्मदा नदी की पानी की लाइन एक साथ जा रही थी। अब आनन फानन में इसे सुधारा जा रहा है। वहीं, पहले बीमार पड़ चुकी महिला ने बताया कि पीने के पानी के नाम पर काला एवं मटमैला पानी की आपूर्ति की जा रही थी। मौत के आंकड़े पर जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने कहा डाक्टर्स की टीम द्वारा दिए जा रहे आंकड़े को ही बताया जा रहा है। मौत के आंकड़े छिपाने के आरोप पर डीएम ने कहा -डाक्टर्स की टीम जो बता रही है, वही बताया जा रहा है।

डीएम ने लोगों से पानी को 15 मिनट उबालने और फिर उसे छानकर पीने के लिए कहा है। कैमरे पर डीएम ने टैंकर से लेकर पानी भी पिया।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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