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Delhi-NCR Rain : 15 साल बाद ऐसे झूमकर बरसा सावन! दिनभर की बारिश में 'दिल्ली का दिल' बना दरिया; 72 घंटे के लिए बड़ा अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटे के दौरान बादलों ने गर्मी से राहत दी है तो सड़कों पर जमा हुए पानी ने जनजीवन को प्रभावित किया है। आईएमडी ने आकंड़ा पेश करते हुए कहा है कि साल 2011 के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

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दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्डतोड़ बारिश (फोटो-PTI)

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई घंटों से बादलों ने डेरा डाल लिया है। मेघ गर्जन के साथ बारिश की बौछारों ने गर्मी का मीटर डाउन कर दिया है। इस बीच मौसम विभाग ने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह में 2011 के बाद सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। महीने के पहले सात दिनों में 127 मिलीमीटर बारिश हुई। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पूरे दिन लगातार बारिश होती रही। कई मौसम केंद्रों ने दिनभर में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की। आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को शहर में अगस्त के पहले सप्ताह में 15 वर्षों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। कई मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जिससे तापमान भी औसत से काफी कम हो गया। दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली में कहां कितनी बारिश?

शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे के बीच मयूर विहार में 24 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, इसके बाद पुष्प विहार में 19 मिमी, प्रगति मैदान में 12.5 मिमी और छतरपुर में 10.5 मिमी बारिश हुई। अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इलाकों में पूसा में पांच मिमी, नजफगढ़ और पीतमपुरा में चार मिमी, नारायणा में 2.5 मिमी, झरोदा कलां में एक मिमी और जाफरपुर में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। दिनभर में दक्षिणी दिल्ली के पुष्प विहार में सबसे अधिक 111.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद छतरपुर में 104.5 मिमी बारिश हुई।

अन्य स्थानों पर भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। आया नगर में 87.4 मिमी, पालम में 73.5 मिमी, जनकपुरी में 68 मिमी, झरोदा कलां में 67 मिमी, पूसा में 59.5 मिमी, सफदरजंग में 57.3 मिमी, नारायणा में 53 मिमी, रिज में 49.6 मिमी, लोधी रोड में 49.3 मिमी, मयूर विहार में 36 मिमी, नजफगढ़ में 24 मिमी और जाफरपुर में 13.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश का मुख्य कारण मानसून ट्रफ का सक्रिय होना, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के साथ बना कम दबाव का क्षेत्र, और उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला एक पश्चिमी विक्षोभ है।

मानसून ट्रफ के कारण बरस रहे मेघ

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि कल से दिल्ली में बारिश, सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण हो रही है, जो दिल्ली तथा उत्तर और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों से गुजरते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। कल से दिल्ली में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है, और अगले दो दिनों के दौरान शहर में हल्की बारिश होने की संभावना है। दिन में इससे पहले मौसम कार्यालय ने पूर्वानुमान जारी किया था कि आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और दिन में भारी बारिश हो सकती है। पूरे दिन मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई थी। बारिश का दौर 10 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है।

क्या बोले पीडब्ल्यूडी मंत्री

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को कहा कि दिन भर हुई भारी बारिश के बावजूद जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील मुख्य स्थानों पर पानी जमा नहीं हुआ, जबकि अन्य प्रभावित इलाकों में जल निकासी का काम जारी है। आईएमडी द्वारा राजधानी के लिए ’रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बीच शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश से दिल्ली का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया, प्रमुख सड़कों पर यातायात ठप हो गया और कई बस्तियां जलमग्न हो गईं। मंत्री ने कहा कि शहर के प्रमुख जलभराव वाले स्थलों की समस्याओं को हल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पानी भरने की खबरें मुख्य रूप से कुछ गांवों और ग्रामीण इलाकों से आई हैं, जहां जल निकासी की परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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