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इंदौर दूषित जल मामला में हाईकोर्ट का एक्शन, मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज, सरकार को 2 जनवरी तक का अल्टीमेटम

Indore Contaminated Water Case: भागीरथपुरा दूषित जल मामला पर इंदौर हाई कोर्ट ने सख्त कार्रवाई करते बीमार हुए मरीजों को बेहतर और फ्री इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस मामले पर सरकार को 2 जनवरी तक रिपोर्ट सबमिट करने का अल्टीमेटम में भी दिया गया हैा।

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इंदौर दूषित जल मामला में हाईकोर्ट का एक्शन (Photo- Hogh Court of MP)

Indore Contaminated Water Case: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की गंभीर घटना पर इंदौर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी द्वारा दायर जनहित याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।

कोर्ट ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से मृतकों और वर्तमान स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। सरकार को यह रिपोर्ट 2 जनवरी तक न्यायालय में पेश करनी होगी। बता दें कि रितेश इंसानी द्वारा दर्ज याचिका में शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह याचिका पेश होने के कुछ ही घंटों के भीतर यह निर्णय सुनाया। यह आदेश नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

6 महीने की बेटे खोने वाली साधना ने बयान किया दर्द

भागीरथपुरा दूषित जल त्रासदी में अपने 6 महीने के मासूम बेटे को खोने वाली साधना साहू ने अपना दर्द बयान किया। भावुक होते हुए उन्होंने इस मामले में प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि अगर यहां का पानी शुद्ध होता, तो उनका बच्चा आज उनके साथ होता। साधना ने रोते हुए बताया कि यह बेटा 10 साल के लंबे इंतजार और काफी इलाज व मिन्नतों के बाद पैदा हुआ था, जो अब उनसे हमेशा के लिए छिन गया है।
Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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