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ये है भारतीय रेल का सबसे छोटा रूट, शुरू होते ही खत्म हो जाता है सफर

भारतीय रेल पूरे देश को एक सूत्र में पिरोती है। देश के एक छोर से दूसरे छोर तक भारतीय रेलवे के हजारों किमी के रूट हैं, जिन पर सफर करने में तीन दिन से ज्यादा का समय भी लगता है। लेकिन क्या आप भारतीय रेल का सबसे छोटा रूट जानते हैं? यहां जानें उस रूट के बारे में -

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ये है भारतीय रेल का सबसे छोटा रूट

Photo : PTI

भारतीय रेलवे भारत की लाइफलाइन है। इतने बड़े देश को जोड़ने में रेलवे की बड़ी भूमिका है। ट्रेन यात्रा हमारे देश में लोगों के जीवन से जुड़ी हुई है। भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। देश के करोड़ों लोग इन ट्रेनों के जरिए पर्व-त्योहार के अवसरों पर अपने घर और घर से काम पर लौटते हैं। यही वजह है कि देश में रेलवे की सूरत बदलने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। भारत में रेलवे का इतना बड़ा नेटवर्क है। इसमें कई रूट ऐसे हैं, जिनपर लोग तीन-चार दिन तक ट्रेन में ही रहते हैं। एक तरफ के सफर में ही 80 घंटे तक लग जाते हैं। वहीं कुछ बहुत छोटे रेल रूट भी हैं। चलिए आज जानते हैं भारतीय रेल का सबसे छोटा रूट कितना बड़ा है और इसके सफर में कितना समय लगता है -

रेल ट्रांस्पोर्टेशन का तेज, सस्ता और आसान जरिया है। घर जाना हो या किसी दूसरे शहर में जाना हो, ट्रेन किफायती दाम में हमें अपने गंतव्य तक पहुंचा देती है। यही वजह है कि देश की एक बड़ी जनसंख्या ट्रेन पर भरोसा करती है। अब तो देश में बुलेट ट्रेन का काम भी तेजी से चल रहा है। अहमदाबाद-मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन 2029 में चल जाएगी। इस साल चुनाव के बाद दूसरे रूटों पर भी बुलेट ट्रेन की फीजिब्लिटी चैक की जाएगी। यही नहीं सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनों के जरिए भी देश में दूरियों को कम किया जा रहा है। जल्द ही स्लीपर वंदे भारत ओवरनाइट दूरियों को भी कम करेगी।

छोटी दूरी के लिए आमतौर पर लोग बस, बाइक, ऑटो आदि का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा जिन शहरों या राज्यों में मेट्रो की सुविधा अच्छी है, वहां मेट्रो ट्रेन भी ट्रांस्पोर्टेशन का एक बड़ा माध्यम है। यही नहीं कुछ जगहों पर छोटी दूरी तय करने के लिए लोकल ट्रेन भी अच्छा विकल्प होती हैं। लोकल ट्रेन में किराया कम होता है और सड़क मार्ग से जिस दूरी को तय करने में दो घंटे लगते हैं, वह 20 मिनट में तय हो जाती है।

सबसे छोटा रूट

हमारे देश में रेल का सबसे छोटा रूट महाराष्ट्र में है। रेलवे का यह रूट इतना छोटा है कि किसी भी दिन आप वॉक करके इस पूरे रूट को 30-40 मिनट में नाप सकते हैं। जी हां भारतीय रेलवे का सबसे छोटा रूट मात्र 3 किमी का है। तीन किमी का यह रेल रूट महाराष्ट्र में नागपुर (Nagpur) और अजनी (Ajni) के बीच है। इस रूट को पूरा करने में ट्रेन को 9 मिनट का समय लगता है। यानी नागपुर से अजनी सिर्फ 9 मिनट के ट्रेन सफर के जरिए पहुंचा जा सकता है।

किराया भी जान लें

अजनी से नागपुर का सफर अगर आप स्लीपर क्लास में करते हैं तो आपको 175 रुपये का टिकट लेना होगा। 3rd एसी में 505 रुपये, 2nd एसी में 710 रुपये का टिकट आपको लेना होगा। टिकट से जुड़ी यह जानकारी हमने PayTM ट्रैवेल से ली है। इसके अलावा कुछ अन्य जगह देखने पर पता चला कि जनरल बोगी के लिए आपको 60 रुपये का टिकट लेना पड़ता है। दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी सिर्फ 9 मिनट की है, ऐसे में ज्यादातर लोग जनरल बोगी में सफर करके अपना पैसा बचाते हैं।

भारतीय रेलवे का सबसे लंबा रूट

भारतीयरेलवे का सबसे लंबे रूट की बात करें तो यह करीब 4300 किमी लंबा है। स्वामी विवेकानंद के 150 जन्मदिवस के अवसर पर साल 2012 में कन्याकुमारी के डिब्रूगढ़ रूट पर विवेक एक्सप्रेस शुरू की गई थी। तमिलनाडु और असम के बीच यह ट्रेन रूट देश का सबसे लंबा ट्रेन रूट है। इस रूट पर ट्रेन 9 राज्यों के 57 स्टेशनों पर रुकती है और इस सफर को पूरा करने में 75 घंटे से अधिक का समय लगता है। यह रूट दुनिया का 24वां सबसे लंबा रूट भी है।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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