योगी सरकार ने बुंदेलखंड एरिया में औद्योगीकरण को बढ़ाया देने के लिए बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी है। इस बारे में वित्त मंत्री ने सुरेश खन्ना द्वारा ये जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्रि योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की मीटिंग में बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के गठन को इसके लिए मंजूरी दे दी है। इससे क्षेत्र में औद्योगीकरण की दिशा में एक नई शुरुआत की जाएगी। इससे सिर्फ एक क्षेत्र का विकास नहीं होगा, बल्कि ये उत्तर प्रदेश के विकास को भी दर्शाता है।
इस बारे में बात करते हुए सुरेश खन्ना ने बताया कि साल 1976 में नोएडा का गठन किया गया था, जिस दौरान टाउनशिप बसाने की बात कही गई थी, जिसे लेकर अब बुंदेलखंड प्राधिकरण क्षेत्र का विस्तारिकरण और नए औद्योगीकर क्षेत्र योजना के अंतर्गत इसकी शुरुआत की जाएगी।
33 राजस्व गांवों की जमीन ली जाएगी
आगे वित्त मंत्री ने कहा कि 47 साल बाद ये पहला अवसर है, जब इस तरह का कोई औद्योगीक विकास प्राधिकरण के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। झांसी में बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण से इसका माध्यम से इसे विकसित किया गया जाएगा। जिसके लिए 33 राजस्व गांवों की 35 हजार एकड़ की जमीन ली जाएगी।
2022-23 में की गई इतने की व्यवस्था
इसके लिए कुल 6 हजार 312 करोड़ की व्यवस्था साल 2022-23 के बजट में की गई थी। वहीं इस साल भी इसके लिए रुपयों की व्यवस्था की जा रही है। इसे बनाए जाने वाली जमीन में करीब 8 हजार एकड़ की भूमि गांव वालों की है।
उत्तर प्रदेश के विकास में भी होगा योगदान
वित्त मंत्रि सुरेश खन्ना ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह अपने आप में एक बहुत बड़ा फैसला है। इससे झांसी का क्षेत्र व्यापक रूप से विकसित होगा, साथ ही इसका उत्तर प्रदेश के विकास में भी बड़ा योगदान होगा। झांसी रेलवे कनक्टिविटी का बड़ा सेंटर है और इसके लिए झांसी-ललितापुर मार्ग और झांसी-ग्वालियर मार्ग की जमीन ली जा रही है
